Janmashtami 2023: भगवान श्रीकृष्ण का शरीर का नीला होने का क्या है रहस्य? पढ़े

Daily Samvad
4 Min Read
Punjab Government
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now
⏱️ 4 मिनट पढ़ने का समय|📝 463 शब्द|📅 06 Sep 2023

डेली संवाद, नई दिल्ली। Janmashtami 2023: सनातन पंचांग के अनुसार, हर वर्ष भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में कृष्ण अष्टमी मनाई जाती है। धार्मिक शास्त्रों में भगवान श्रीकृष्ण की जीवनी का वर्णन विस्तार से किया गया है। भगवान की लीला अपरंपार है। उनकी लीलाओं की कोई सीमा नहीं है।

ये भी पढ़ें: 14,000 करोड़ की बोगस बिलिंग, STF को जालंधर के ‘पंकू’ और ‘बंटी’ की तलाश

जब हम उनके बारे में सुनते हैं, पढ़ते हैं और जानते हैं, तो जानने की जिज्ञासा और बढ़ जाती है। उनकी लीलाओं की वजह से उन्हें कई नामों से जाना जाता है। इनमें एक नाम श्याम है। श्याम का भावार्थ काला और सांवला है। इसके अलावा, भगवान श्रीकृष्ण के शरीर का रंग नीला भी है। आइए, भगवान कृष्ण के नीले रंग के शरीर के रहस्य की पौराणिक कथा और रहस्य जानते हैं-

पौराणिक कथा

किंदवंती है कि द्वापर युग में अधर्म का नाश कर धर्म की स्थापना करने हेतु भगवान श्रीकृष्ण मानव रूप में अवतरित हुए थे। उनका जन्म माता देवकी के गर्भ से हुआ था। उस समय भगवान श्रीकृष्ण के मामा कंस को आकाशवाणी के जरिए यह पता चला था कि देवकी की आंठवी संतान के हाथों उसका वध होगा। यह जान कंस ने भगवान श्रीकृष्ण का वध करने की पूरी कोशिश की, लेकिन कंस को इस कार्य में सफलता नहीं मिली।

पैसे के लेनदेन में युवक को बनाया बंधक, मारपीट, देखें Live

इसी दौरान एक बार कंस ने राक्षसी पूतना को भगवान श्रीकृष्ण का वध करने के लिए भेजा। पूतना ने धोखे से भगवान को दुग्धपान के जरिए विषपान कराने की कोशिश की। भगवान श्रीकृष्ण पूर्व से ही पूतना की मंशा को जानते थे। अतः उन्होंने दुग्धपान के बहाने विषपान किया। विष का प्रभाव भगवान पर नहीं पड़ा, लेकिन विषपान के जरिए उन्होंने पूतना का वध कर दिया। विषपान करने की वजह से भगवान श्रीकृष्ण का वर्ण नीला है।

ये भी पढ़ें: नेहा टोका फैक्ट्री का मालिक गौ मांस के कारोबारियों से हर माह लेता था 1.80 लाख रुपए

एक अन्य कथा भी प्रचलित है। इस कथा के अनुसार, एक बार भगवान श्रीकृष्ण गोपियों के संग नदी किनारे क्रीड़ा कर रहे थे। उसी समय गेंद यमुना नदी में चली जाती है। तब भगवान श्रीकृष्ण गेंद लेने यमुना नदी में प्रवेश करते हैं। उन दिनों यमुना नदी में कालिया नाग रहता है। वह विषधारी था। यमुना नदी में आहट सुन वह बाहर आता है।

वह बेहद विषैला था। उसके विष से यमुना नदी के पानी का रंग नीला हो जाता है। कहते हैं कि कालिया नाग और भगवान श्रीकृष्ण के बीच युद्ध हुआ। इस युद्ध में भगवान ने कालिया नाग को परास्त कर दिया। हालांकि, विष के प्रभाव में रहने के चलते भगवान श्रीकृष्ण का शरीर नीला हो गया।

सिद्धू मूसेवाला का नाम लेकर थार समेत नहर में लगाई छलांग

















Share This Article
Follow:
Daily Samvad एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जहां हम देश-दुनिया, राजनीतिक विश्लेषण, प्रदेश, शिक्षा, बिज़नेस, मनोरंजन, खेल, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र की ख़बरें सरल भाषा में आप तक पहुंचाते हैं। हमारा उद्देश्य है—जनता की आवाज़ बनकर निष्पक्ष पत्रकारिता को आगे बढ़ाना। डेली संवाद ऑनलाइन के महाबीर जायसवाल फाउंडर चीफ एडिटर हैं। वे राजनीति, अपराध, देश-दुनिया की खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीति की खबरों से की, जबकि उनके पास, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग से लेकर एडिटर तक 25 साल से अधिक पत्रकारिता का अनुभव है। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र शेखावत के Media Consultant भी रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद की यूनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन, बीए और एमए की डिग्री हासिल की है। संपर्क नंबर: +91-98881-90945 ईमेल: mmmmediahouse@gmail.com
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *