डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि राज्य को ग्रीन ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी बनाने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए पंजाब सरकार (Punjab Govt) द्वारा कृषि के लिए लगाए गए सोलर पंपों के माध्यम से अतिरिक्त सौर ऊर्जा उत्पादन पर किसानों को लाभ देने पर विचार किया जा रहा है।
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वे आज पंजाब विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सुजानपुर विधानसभा हलके से विधायक श्री नरेश पुरी द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। श्री अमन अरोड़ा (Aman Arora) ने कहा कि यह कदम राज्य के किसानों को सक्षम बनाने के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को भी बढ़ावा देगा और राज्य के टिकाऊ भविष्य में अहम योगदान देगा।

20,000 सोलर पंप लगाए जाएंगे
इस प्रस्तावित नीति के तहत किसानों को उनकी अपनी खपत से अधिक सौर ऊर्जा उत्पादन पर लाभ दिया जाएगा। इस अतिरिक्त ऊर्जा को ग्रिड में भेजा जाएगा, जो राज्य की ऊर्जा आपूर्ति में योगदान करेगा और पंजाब को हरा-भरा तथा अधिक टिकाऊ बनाने के लिए पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता को घटाएगा।
श्री अमन अरोड़ा ने कहा, “किसानों को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सक्रिय भागीदार बनाकर, हम ना केवल स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहित कर रहे हैं बल्कि हमारे किसानों के लिए आय के नए मौके भी पैदा कर रहे हैं।” उन्होंने बताया कि पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी (पेडा) द्वारा राज्य में कृषि उपयोग के लिए 20,000 सोलर पंप लगाए जाएंगे और इनमें से पांच हजार से अधिक पंप पहले ही किसानों को आवंटित किए जा चुके हैं।

प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई
श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 4,474 सरकारी इमारतों पर 34 मेगावाट सोलर क्षमता वाले रूफटॉप सोलर फोटोवोल्टैइक (पी.वी.) पैनल लगाए गए हैं। ये रूफटॉप सोलर पैनल सालाना 4.9 करोड़ यूनिट बिजली उत्पन्न कर रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि पेडा द्वारा अगले दो वित्तीय वर्षों में सरकारी इमारतों पर 100 मेगावाट क्षमता वाले सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई गई है।
उन्होंने बताया कि ग्रिड से जुड़े रूफटॉप सोलर पी.वी. पावर प्लांट उपभोक्ता स्तर पर बिजली उत्पन्न करते हैं, जो कि वितरण के दौरान नेटवर्क के नुकसान को कम करने में मदद करते हैं। पैदा हुयी बिजली मांग और आपूर्ति के अंतर को पूर्ण करने में भी मदद करती है, जिससे पी.एस.पी.सी.एल. को बिजली नियामक आयोगों द्वारा निर्धारित अपने नवीकरणीय खरीद संबंधी लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि ग्रिड से जुड़े पी.वी. सिस्टम दिन के समय में बिजली उत्पन्न करते हैं और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में वापस भेजते हैं।


