डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: आज पंजाब स्टेट फूड कमीशन की ओर से सभी जिलों के एडीसी- डी. जी. आर. ओ. के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एक्ट को जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया गया।
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इसके साथ ही, खाद्य पोषण पर भी विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया। इस दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों और मिड-डे मील के बुनियादी ढांचे में सुधार की आवश्यकता को भी रेखांकित किया गया, खासकर एनआरआई, एनजीओ और सीएसआर के सहयोग से इन प्रयासों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
ये रहे उपस्थित
बैठक की अध्यक्षता पंजाब स्टेट फूड कमीशन के चेयरमैन श्री बाल मुकंद शर्मा ने की। इस बैठक में कमीशन के सदस्य विजय दत्त, प्रीति चावला और चेतन प्रकाश धालीवाल भी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान, फील्ड अफसरों से प्राप्त फीडबैक को साझा किया गया, जिसमें आंगनवाड़ी बुनियादी ढांचे और पोषक आहार की आपूर्ति में सुधार की आवश्यकता बताई गई। अधिकारियों को एनआरआई, एनजीओ और सीएसआर पार्टनर्स के साथ मिलकर इन प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभ हर नागरिक तक प्रभावी रूप से पहुंच सकें।

ठोस कार्य योजना बनाने की अपेक्षाएँ रखी
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह था कि योजना के कार्यान्वयन में किसी भी प्रकार की कमी न हो और सुनिश्चित किया जाए कि जरूरतमंदों को उनका हक मिल सके। अधिकारियों से ज़मीन पर बदलाव लाने के लिए ठोस कार्य योजना बनाने की अपेक्षाएँ भी रखी गईं।
कमीशन के चेयरमैन श्री बाल मुकंद शर्मा ने कहा कि हम सभी के सहयोग से ही इस योजना को प्रभावी बनाया जा सकता है, जिसमें एनआरआई, एनजीओ और कॉर्पोरेट निकायों का योगदान विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगा, ताकि समाज के सबसे वंचित वर्ग को उनका पूरा लाभ मिल सके।
की ये अपील
साथ ही, अन्य सदस्य विजय दत्त, प्रीति चावला और चेतन प्रकाश धालीवाल ने भी अपने विचार साझा करते हुए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एक्ट के जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्यान्वयन के महत्व पर जोर दिया और सभी अधिकारियों से मिलकर काम करने की अपील की।
शिक्षा निदेशक श्री विनय बिबलानी ने इस बैठक में महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिनका उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एक्ट के तहत बुनियादी ढांचे और सेवाओं में सुधार लाना था, विशेष रूप से शिक्षा और पोषण क्षेत्रों में। यह बैठक आगामी समय में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और भी ठोस कदम उठाने का संकेत है, ताकि पंजाब राज्य में हर नागरिक को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।


