डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब के पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां (Gurmeet Singh Khuddian) ने बताया कि मत्स्य पालन क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए राज्य प्राकृतिक जल स्रोतों, निजी तालाबों और पंचायतों के पोखरों से सालाना कुल 1,81,188 टन मछली का उत्पादन कर रहा है। वर्तमान में राज्य में 43,973 एकड़ क्षेत्र मत्स्य पालन के अंतर्गत है।
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वे एसएएस नगर (मोहाली) में एक होटल में मत्स्य पालन विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। इस सेमिनार का उद्देश्य मत्स्य पालकों को नवीनतम तकनीक, सर्वोत्तम प्रथाओं और मत्स्य पालन के आधुनिक तरीकों के बारे में जागरूक करना था। इसमें 300 से अधिक किसान और अधिकारी शामिल हुए।

सरकारी मछली बीज फार्मों पर…
खुड्डियां ने बताया कि मत्स्य पालन क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए 16 सरकारी मछली बीज फार्मों पर वार्षिक लगभग 14 करोड़ उच्च गुणवत्ता वाले बीज तैयार कर किसानों को सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जाते हैं।
मत्स्य पालन के अलावा पंजाब राज्य झींगा पालन में भी प्रगति कर रहा है। श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, मानसा, फरीदकोट और फाजिल्का जैसे पांच दक्षिण-पश्चिमी जिलों में हजारों एकड़ भूमि पहले क्षारीयता और लवणीयता के कारण खेती के लिए अनुपयोगी थी। स गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि अब इन जिलों में झींगा पालन किया जा रहा है, जिससे किसानों को लागत निकालने के बाद प्रति एकड़ 2.5 से 4 लाख रुपये की शुद्ध आय हो रही है।
सब्सिडी वितरित की
कैबिनेट मंत्री ने इस अवसर पर जिला फतेहगढ़ साहिब के दो अग्रणी मत्स्य पालकों, श्री अमितेश्वर सिंह गिल और जिला कपूरथला के श्री परमिंदरजीत सिंह को सम्मानित किया।
मत्स्य पालन निदेशक जसवीर सिंह ने बताया कि विभाग ने केंद्र प्रायोजित योजना के तहत पिछले 4 वर्षों में 618 परिवारों को 30 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी वितरित की है। उन्होंने आगे कहा कि श्री खुड्डियां के नेतृत्व और प्रमुख सचिव श्री राहुल भंडारी के मार्गदर्शन में विभाग वर्तमान में मत्स्य पालन से जुड़े विभिन्न परियोजनाओं जैसे कि मछली और झींगा पालन के तहत क्षेत्र विस्तार, मत्स्य उत्पादों के परिवहन के लिए वाहन, आरएएस और बायो-फ्लोक यूनिट, मछली कियोस्क, मिनी फिश फीड मिल आदि के लिए सब्सिडी प्रदान कर रहा है।
कॉमन सर्विस सेंटर, पंजाब के प्रमुख श्री भूपिंदर सिंह ने मत्स्य पालकों को सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे डेटाबेस के बारे में जानकारी दी और किसानों को राष्ट्रीय मत्स्य पालन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण के लाभों से अवगत कराया। उप निदेशक श्री गुरप्रीत सिंह और सहायक निदेशक मत्स्य पालन सतिंदर कौर ने किसानों को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत विभिन्न परियोजनाओं की उपलब्धियों के बारे में बताया और इस कार्यक्रम को सफल बनाने में मत्स्य पालकों का आभार व्यक्त किया।


