डेली संवाद, जालंधर/नई दिल्ली। Donkey Route America Human Trafficking: अमेरिका (USA) में अवैध रूप से रह रहे भारतीयों (Indian) को डिपोर्ट (Deport) करने का सिलसिला भले ही कुछ देर के लिए थम गया है, लेकिन जालंधर (Jalandhar), चंडीगढ़ (Chandigarh) और दिल्ली (Delhi) में बैठे डंकी रूट के मास्टर माइंड के दफ्तर आज भी खुले हैं। NIA ने डंकी रूट वाले एक एजैंट को गिरफ्तार करने का दावा किया है। उधर, मामले में ईडी ने अपनी जांच तेज कर दी है।
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डंकी रूट (Donkey Route) से अमेरिका (USA) भेजने की एवज में लाखों रुपए लेने और युवाओं को खतरे में डालने वाले एजेंट को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान गगनदीप सिंह उर्फ गोल्डी के रूप में हुई है, जो दिल्ली के तिलक नगर का रहने वाला है। इसके तार जालंधर और चंडीगढ़ के एजैंट से जुड़े हैं।

तरनतारन के व्यक्ति से 45 लाख ठगे
देश की राष्ट्रीय राजधानी में रहकर गगनदीप उर्फ गोल्डी युवाओं को विदेश भेजने का लालच देकर लाखों रुपए इकट्ठे कर रहा था। इसे ले कर पंजाब के तरनतारन जिले के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज करवाई थी।
तरनतारन के व्यक्ति को दिसंबर 2024 में डंकी रूट के जरिए अमेरिका भेजा गया था। पीड़ित ने इस अवैध यात्रा के लिए आरोपी एजेंट को करीब 45 लाख रुपए दिए थे। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने 15 फरवरी को उसे भारत डिपोर्ट कर दिया।

NIA ने केस अपने हाथों में लिया
भारत लौटने के बाद पीड़ित ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद पंजाब पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। घटनाओं को देखते हुए 13 मार्च को यह केस NIA को सौंप दिया गया। NIA ने 17 दिनों की कार्रवाई के बाद इस मामले में एजेंट का रोल अदा करने वाले गोल्डी को गिरफ्तार कर लिया।
NIA अब आरोपी से पूछताछ कर इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पता चला है कि ट्रैवल एजैंट ने स्पेन, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला और मेक्सिको के रास्ते अमेरिका भेजा था। इसके तार जालंधर के बस स्टैंड के पास से जुड़े हैं। क्योंकि उसे जालंधर के इसी ट्रैवल एजैंट के जरिए दिल्ली के एजैंट से मिला था।

एजैंट के पास लाइसेंस भी नहीं था
NIA जांच में खुलासा हुआ कि गोल्डी के पास विदेश भेजने का कोई वैध लाइसेंस या अनुमति नहीं थी। उसने स्पेन, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला और मेक्सिको के जरिए पीड़ित को अमेरिका भेजा। यात्रा के दौरान गोल्डी के साथियों ने पीड़ित को पीटा, शोषण किया और उसके पास मौजूद अमेरिकी डॉलर छीन लिए।
उधर, अमिरेका से डिपोर्ट होकर आए युवाओं ने जालंधर के बस स्टैंड के पास स्थित एक बड़ी इमारत के दफ्तर का जिक्र किया है। जिससे इस अमीर एजैंट से पूछताछ की जा सकती है। इस मामले में ईडी के साथ साथ NIA सक्रिय हो गई है। जिससे आने वाले दिनों में कई गिऱफ्तारी हो सकती है।


