डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब (Punjab) के जल स्रोत मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज ज़िला मानसा के हलका सरदूलगढ़ में नए बनाए गए चार माइनरों और एक पुल का उद्घाटन किया। लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से पूरे किए गए इन प्रोजेक्ट्स से इस क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं में और वृद्धि होगी।
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इन परियोजनाओं को जनता को समर्पित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कैबिनेट मंत्री ने बताया कि जहां 12.82 करोड़ रुपये की लागत से चार माइनर – रोड़की माइनर, खैरा माइनर, झंडा माइनर और माइनर नंबर-11 बोहा डिस्ट्रीब्यूटरी का काम पूरा किया गया है, वहीं 2.10 करोड़ रुपये की लागत से एक ऐतिहासिक महत्व वाला पुल बनाया गया है।
भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी
उन्होंने बताया कि रोड़की माइनर की कुल लंबाई 45,125 फुट है, जिससे सरदूलगढ़ ब्लॉक के गांवों आहलूपुर, कौड़ीवाड़ा, भल्लणवाड़ा, सरदूलगढ़, फूसमंडी, रणजीतगढ़ बांदरा, खैरा खुर्द, भूंदड़, रोड़की, झंडा खुर्द, साधूवाला, मीरपुर खुर्द, टिब्बी हरी सिंह, सरदूलेवाला को पीने योग्य और सिंचाई योग्य पानी उपलब्ध होता है। इससे 7,636 एकड़ भूमि को लाभ पहुंचेगा। इसी तरह, 22,040 फुट लंबा खैरा माइनर सरदूलगढ़ ब्लॉक के गांवों खैरा खुर्द, आहलूपुर, खैरा कलां, झंडा कलां और सरदूलगढ़ को पीने योग्य और सिंचाई योग्य पानी प्रदान करेगा, जिससे 1,934 एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
भूमि को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि 19,180 फुट लंबा झंडा माइनर सरदूलगढ़ ब्लॉक के गांवों मानखेड़ा और झंडा कलां को पीने योग्य पानी देगा और 2,586 एकड़ भूमि को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। इसी तरह, 22,575 फुट लंबा माइनर नंबर-11 बोहा डिस्ट्रीब्यूटरी सरदूलगढ़ ब्लॉक के गांवों मीरपुर खुर्द, जटाणा कलां, टिब्बी हरी सिंह, सरदूलेवाला और काहनेवाला को पीने योग्य और सिंचाई योग्य पानी उपलब्ध कराएगा, जिससे 4,114 एकड़ भूमि की सिंचाई सुनिश्चित होगी।
लोगों को घग्गर दरिया पार करने में होगी आसानी
पत्रकारों से बातचीत के दौरान बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि घग्गर दरिया पर स्टील फुट ब्रिज, जिसे 2.10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है, भी आज जनता को समर्पित किया गया है। उन्होंने बताया कि एक साल के रिकॉर्ड समय में तैयार किए गए इस पुल से तीन से चार गांवों के लोगों को घग्गर दरिया पार करने में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि यहां पहले एक पुराना पुल था, जिसे 2023 के बाढ़ के दौरान पानी के तेज बहाव से नुकसान पहुंचा था। नया पुल पानी के हर स्तर को सहन करने के लिए बनाया गया है और इस का स्पैन तीन मीटर रखा गया है एवं इसकी लंबाई लगभग 94 मीटर है।
एक सवाल के जवाब में केबिनेट मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने अब तक पंजाब में करीब 17,565 खालें बनाई और बहाल की हैं तथा 4,500 किलोमीटर अंडरग्राउंड पाइपें बिछाई हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में सरकार ने नहरों पर 4,557 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जो पिछली सरकारों की तुलना में दोगुना से भी अधिक राशि है।
35 करोड़ रुपये खर्च कर सरहिंद फीडर को पक्का किया
उन्होंने कहा कि मानसा, पटियाला और संगरूर आदि ज़िलों के लिए पंजाब सरकार ने 35 करोड़ रुपये खर्च कर सरहिंद फीडर को पक्का किया है। लगभग 25 किलोमीटर लंबे हिस्से को सवा महीने में पक्का किया गया और इसकी जल क्षमता 900 क्यूसेक से बढ़ाकर 1,600 क्यूसेक कर दी गई है ताकि ज़िले में सिंचाई योग्य पानी पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने पंजाब के साथ-साथ इसके पानी को भी अपने निजी लाभ के लिए विभाजित कर दिया था। जहां उनके क्षेत्र थे, वहां पानी की अधिकता थी और जल भत्ता कहीं सात और कहीं छह क्यूसेक कर लिया था। अब हम पानी के बंटवारे को सही कर रहे हैं। इसी प्रक्रिया के तहत ज़िले में पानी की मात्रा दो क्यूसेक से बढ़ाकर तीन क्यूसेक कर दी गई है।


