डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) द्वारा देशभर में चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ई.आर.ओ.), जिला चुनाव अधिकारी (डी.ई.ओ.) और मुख्य चुनाव अधिकारी (सी.ई.ओ.) के स्तर पर राजनीतिक पार्टियों के साथ बैठकें की गई हैं। 31 मार्च 2025 तक 25 दौर में कुल 4,719 बैठकें की गईं, जिनमें 40 बैठकें सी.ई.ओ. द्वारा, 800 बैठकें डी.ई.ओ. द्वारा और 3,879 बैठकें ई.आर.ओ. द्वारा की गईं, जिसमें देशभर में राजनीतिक पार्टियों के 28,000 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
यह भी पढ़ें: कनाडा सरकार ने एक्सप्रेस एंट्री में किया गया बदलाव, पंजाबियों पर पड़ेगा असर
यह बैठकें मुख्य चुनाव आयुक्त (सी.ई.सी.) ज्ञानेश कुमार द्वारा चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ 4 और 5 मार्च 2025 को आई.आई.आई.डी.ई.एम., नई दिल्ली में हुई मुख्य चुनाव अधिकारियों की कॉन्फ्रेंस के दौरान जारी निर्देशों के अनुसार की गई हैं।
इन प्रयासों का उद्देश्य संबंधित सक्षम अधिकारियों जैसे कि ई.आर.ओ. या डी.ई.ओ. या सी.ई.ओ. द्वारा किसी भी लंबित मुद्दे को जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951; मतदाताओं की पंजीकरण नियमावली, 1960; चुनाव आचार नियम, 1961 और भारत चुनाव आयोग द्वारा समय-समय पर जारी किए गए मैनुअल, दिशा-निर्देश और हिदायतों के मौजूदा कानूनी ढांचे के तहत हल करना है।
अन्य मूल्यांकन के लिए सभी राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों से एक कार्रवाई रिपोर्ट मांगी गई है और यदि कोई भी मुद्दा, मौजूदा कानूनी ढांचे के अंतर्गत हल नहीं होता है, तो आयोग द्वारा उठाया जाएगा।


