Punjab News: 1.27 करोड़ लाभार्थियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: राज्य में ई-केवाईसी प्रक्रिया में नियमित रूप से तेजी देखने को मिल रही है और अब तक 1,27,84,000 (1.27 करोड़) लाभार्थियों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस संबंध में मानसा, श्री फतेहगढ़ साहिब और पटियाला जिले क्रमवार शीर्ष 3 स्थानों पर हैं।

ई-केवाईसी एक डिजिटल विधि

आज यहां अनाज भवन में हुई समीक्षा बैठक में, खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क (Lal Chand Kataruchak) को विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने ई-केवाईसी प्रक्रिया संबंधी नवीनतम स्थिति से अवगत कराया। उल्लेखनीय है कि ई-केवाईसी एक डिजिटल विधि है, जो लाभार्थी की पहचान और पते की पुष्टि करती है, जो मुख्य रूप से आधार कार्ड नंबर और प्रमाणीकरण के लिए बायोमैट्रिक्स का उपयोग करती है।

यह भी पढ़ें: अहमदाबाद प्लेन क्रैश को लेकर ब्रिटेन का सनसनीखेज खुलासा

पात्र लाभार्थियों को गेहूं सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पी डी एस) अधीन 2 श्रेणियों में बांटा गया है। अंत्योदय अन्न योजना (ए ए वाई) अधीन, प्रति परिवार प्रति माह 35 किलो गेहूं दिया जाता है, जबकि प्रायोरिटी हाउसहोल्ड (पी एच एच) श्रेणी अधीन, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एन एफ एस ए ), 2013 अधीन प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो गेहूं मुफ्त दिया जाता है।

गोदामों के निर्माण की प्रगति का जायजा लिया

धान की आगामी खरीद सीजन 2025-26 की तैयारियों संबंधी तिरपालों की खरीद बारे मंत्री के ध्यान में लाया गया कि पनग्रेन, जो कि तिरपालों की खरीद के लिए नोडल एजेंसी है, ने सभी राज्य खरीद एजेंसियों की ओर से 47500 एलडीपीई पॉलीथीन तिरपालों की खरीद के लिए एक ई-टेंडर जारी किया है। इसके अलावा विभाग के पास पहले से ही पिछले साल की 95000 तिरपालें हैं।

मंत्री ने भारत सरकार द्वारा आवंटित 46 लाख मीट्रिक टन कवर गोदामों के निर्माण की प्रगति का भी जायजा लिया। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि वह बोलिकार में 3.75 लाख मीट्रिक टन के कवर गोदामों के निर्माण को पूरा करने के लिए दबाव डाले, जिसके लिए लेटर ऑफ अवार्ड पहले ही जारी किया जा चुका है और 9.55 लाख मीट्रिक टन क्षमता वाले कवर गोदामों को उपलब्ध कराने संबंधी प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए।

ये रहे मौजूद

उन्होंने विभाग को यह भी हिदायत दी कि बाकी बचे 32.70 लाख मीट्रिक टन क्षमता वाले कवर गोदामों की टेंडरिंग प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए ताकि आगामी धान खरीद सीजन 2025-26 दौरान चावल के भंडारण के लिए अधिक से अधिक जगह उपलब्ध करवाई जा सके।

इस मौके पर अन्य के अलावा खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले के प्रमुख सचिव राहुल तिवाड़ी, निदेशक वरिंदर कुमार शर्मा, अतिरिक्त सचिव पनग्रेन कमल कुमार गर्ग और अतिरिक्त निदेशक डॉ. अंजुमन भास्कर के साथ जी एम (वित्त) सर्वेश कुमार शर्मा भी मौजूद थे।



















Leave a Comment