Land Pooling Policy: जाने क्या है पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग पॉलिसी, जिसका किसानों द्वारा किया जा रहा जमकर विरोध

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

डेली संवाद, चंडीगढ़। Land Pooling Policy: पंजाब (Punjab) के किसानों में इस समय लैंड पूलिंग पॉलिसी (Land Pooling Policy) को लेकर भारी रोष है। इसी के चलते किसानों द्वारा ट्रेक्टर मार्च निकाला गया था। वहीं विपक्ष द्वारा भी इस पॉलिसी को लेकर आप सरकार को घेरा जा रहा है।

पॉलिसी में किया संशोधन

बता दे कि पिछले महीने पंजाब कैबिनेट मीटिंग (Punjab Cabinet Meeting) में लैंड पूलिंग पॉलिसी (Land Pooling Policy) को मंजूरी दी थी। जिसके बाद सरकार ने किसानों के साथ मीटिंग कर इसमें संशोधन किया। इसी बीच सरकार ने कहा था कि इस पॉलिसी के आने से पंजाब (Punjab) के किसानों को काफी फायदा होगा।

Land Pooling Policy
Land Pooling Policy

यह भी पढ़ें: कौन हैं अनमोल गगन मान? जिन्होंने MLA पद से इस्तीफा देकर राजनीति से सन्यास ले लिया

संशोधन में लैंड पूलिंग पॉलिसी में जमीन के बदले किसानों को प्लॉट का कब्जा दने तक सरकार उनको 1 लाख रुपए सालाना देगी। अगर इसमें देरी होगी है तो हर साल इस राशि में 10 फीसदी का इजाफा किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि जब तक ज़मीन खाली है, किसान खेती कर सकता है।

सालाना मिलेंगे 50,000 रुपये

CM Bhagwant Mann
CM Bhagwant Mann

मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने कहा था कि सरकार खेती के साथ-साथ किसानों को सालाना 50,000 रुपये भी देगी। इसके साथ ही सीएम मान ने कहा था कि किसी भी किसान से जबरदस्ती जमीन अधिगृहित नहीं की जाएगी जो किसान इस नीति का हिस्सा बनना चाहते है केवल उन्हीं से जमीन ली जाएगी।

किसानों ने निकाला ट्रेक्टर मार्च

Land Pooling Policy
Land Pooling Policy

बता दे कि लैंड पूलिंग पॉलिसी (Land Pooling Policy) के अंतर्गत किसान अपनी आवासीय कॉलोनी के लिए सरकार को देते हैं। जिस पर फ्लैट और मकान बनाए जा सकते है। वहीं दूसरी तरह इस पॉलिसी का किसानों द्वारा जमकर विरोध किया जा रहा है बीते दिनों किसानों द्वारा इसके विरोध में ट्रेक्टर मार्च निकाला गया था।

वहीं इसके साथ ही आने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि सात अगस्त को लुधियाना के जोधा में किसान एकजुट होंगे। यह योजना किसानों की जमीन लूटने को लेकर बनाई गई है। इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल द्वारा भी इस पॉलिसी का विरोध किया जा रहा है।



















Leave a Comment