H1B Visa: अमेरिका जाने के लिए H-1B वीजा की जरूरत क्यों? क्या है H-1B VISA

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डेली संवाद, नई दिल्ली/अमेरिका। H1B Visa Fees Increase News Update: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के खिलाफ लगातार फैसले ले रहे हैं। इसमें अब उन्होंने वीजा (VISA) फीस में बेइंताशा वृद्धि का ऐलान कर दिया है। जिससे 100 गुना फीस बढ़ गई है। इसका सबसे ज्यादा असर भारत खासकर पंजाब के लोगों पर पड़ेगा।

भारत खासकर पंजाब (Punjab) में आईटी (IT) और मैनेजमेंट (Management) के क्षेत्र में काम कर रहे ज्यादातर प्रोफेशनल्स का सपना अमेरिका (USA) जाकर नौकरी (Job in USA) करने का होता है। वजह भी साफ है- बड़ी टेक कंपनियों में काम करने का मौका, इंटरनेशनल एक्सपोजर और हाई पैकेज।

Donald Trump President of America
Donald Trump President of America

भारतीय H-1B वीजा के सहारे अमेरिका पहुंचते

हर साल हजारों भारतीय H-1B वीजा के सहारे अमेरिका पहुंचते हैं और करोड़ों रुपये तक की सैलरी पाते हैं। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के ऐलान के बाद अब स्थिति बदल गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में H-1B वीजा की फीस एक लाख डॉलर (करीब 88 लाख रुपये) बढ़ाने का आदेश दिया है।

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इसका सीधा असर अमेरिकी कंपनियों और विदेशी प्रोफेशनल्स दोनों पर पड़ेगा। अब कंपनियों के लिए किसी नए H-1B वर्कर को हायर करना और महंगा हो जाएगा।

US H1B Visa
US H1B Visa

अमेरिका में नौकरी

ज्यादातर H-1B नौकरियों के लिए कंप्यूटर साइंस, डेटा साइंस, इंजीनियरिंग या STEM फील्ड में बैचलर डिग्री जरूरी है। प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप और ओपन सोर्स योगदान आपकी प्रोफाइल को मजबूत बनाते हैं।

डेटा साइंस/AI/ML जैसी फील्ड्स में मास्टर डिग्री या सर्टिफिकेशन (जैसे Deep Learning, AI specialization) से फायदा मिलता है। मैनेजमेंट रोल्स के लिए लीडरशिप, टीम मैनेजमेंट और कम्युनिकेशन स्किल्स अहम होते हैं।

भारतीय कैसे होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित?

अमेरिका के इस कदम से वहां रहने वाले भारतीय सर्वाधिक प्रभावित होंगे। इस बदलाव से अमेरिका में भारतीय आईटी इंजीनियरों की नौकरियों पर खतरा आएगा। वित्त वर्ष 2023-24 तक दो लाख से ज्यादा भारतीयों ने एच1-बी वीजा हासिल किया था। भारत पिछले साल एच-1बी वीजा का सबसे बड़ा लाभार्थी था।

USA Visa
USA Visa

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 से 2023 के बीच स्वीकृत वीजा में 73.7 फीसदी वीजा भारतीयों को मिले थे। चीन 16 फीसदी के साथ दूसरे स्थान पर था। कनाडा 3% के साथ तीसरे स्थान पर, उसके बाद ताइवान (1.3%), दक्षिण कोरिया (1.3%), मैक्सिको (1.2%) और नेपाल, ब्राजील, पाकिस्तान और फिलीपींस (सभी 0.8%) हैं।

अमेरिका में टॉप 5 H-1B वीजा नौकरियां

नौकरी अमेरिका में अनुमानित सैलरी (INR) जरूरी डिग्री/योग्यता भारत में अनुमानित सैलरी
सॉफ्टवेयर इंजीनियर/डेवलपमेंट इंजीनियर 90 लाख – 1.30 करोड़ रुपये कंप्यूटर साइंस/सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग डिग्री, प्रोग्रामिंग स्किल्स 20-45 लाख रुपये
डेटा साइंटिस्ट/ML इंजीनियर 90 लाख – 1.50 करोड़ रुपये डेटा साइंस, स्टैटिस्टिक्स, AI/ML में बैचलर/मास्टर डिग्री 10-25 लाख रुपये
प्रोडक्ट मैनेजर 1 – 1.70 करोड़ रुपये+ बिजनेस/टेक/मार्केटिंग डिग्री, प्रोडक्ट अनुभव 10 लाख – 1 करोड़ रुपये
सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट/सीनियर इंजीनियर 1.30 – 2.20 करोड़ रुपये+ सिस्टम डिजाइन, आर्किटेक्चर और टीम लीडरशिप 70 लाख – 1.5 करोड़ रुपये
इंजीनियरिंग मैनेजर/टेक लीड 1.20 – 2 करोड़ रुपये+ टेक स्किल्स + टीम मैनेजमेंट और प्रोजेक्ट डिलीवरी अनुभव 50 लाख – 1 करोड़ रुपये+


















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