डेली संवाद, इंदौर। Indore Water Tragedy: इंदौर जोकि भारत का सबसे साफ शहर है वहां दूषित पानी पीने से अब तक 15 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग अभी अस्पतालों में भर्ती है जिनका ईलाज चल रहा है।
बता दे कि इंदौर (Indore) के भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण बीमार होने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। गुरुवार को 338 नए मरीज मिले हैं। अभी-भी 32 मरीज आईसीयू में भर्ती है। जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है। अब तक करीब 2800 मरीज सामने आ चुके हैं।

मरने वालों की संख्या 15
वहीं मरने वालों की संख्या 15 हो गई है। सभी की जान जान दूषित पानी की वजह से हुई है। उधर, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मामले में संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के अंदर विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
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वहीं, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी माना कि भागीरथपुरा के पेयजल में सीवेज का पानी मिलने से हालात बिगड़े हैं। उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि चौकी के पास जो लीकेज वाली जगह है, वहीं इसकी सबसे प्रमुख आशंका है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक दूषित पानी यानी इसमें बैक्टीरिया होना है, लेकिन कौन से बैक्टीरिया ने प्रभावित किया, इसके लिए स्पेशल (कल्चर) जांच होती है। ड्रेनेज के पानी में कई तरह के तत्व होते हैं। इनमें टॉयलेट से निकलने वाला मल-मूत्र, बाथरूम का नहाने का, कपड़े धोने का साबुन, पावडर का पानी भी होता है।
इसके अलावा बर्तन धोने के साबुन, पावडर, फर्श साफ करने का लिक्विड, केमिकल भी होता है। ये सारा वेस्ट ड्रेनेज में मिक्स होता है। ऐसे ही क्षेत्र में अगर कॉमर्शियल में केमिकल संबंधी वेस्ट भी है तो यह सभी मिक्स होकर घातक हो जाते हैं। फिर अगर ये पीने के पानी की लाइन में मिक्स हो जाए तो और टॉक्सिक हो जाते हैं।






