डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर के प्रताप बाग इलाके में गुरुवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रात करीब साढ़े तीन बजे शराब के एक ठेके में अचानक आग लग गई। ठेके में रखी शराब ने जैसे ही आग पकड़ी, लपटें तेजी से फैलने लगीं और आग की ऊंची लपटें सड़क के दूसरी ओर तक दिखाई देने लगीं।
जालंधर (Jalandhar) के शराब ठेके में आग की गर्मी से शराब की बोतलें फटने लगीं, जिसकी तेज आवाज आसपास के घरों और मोहल्ले में सुनाई दी। घटना के समय ठेके के अंदर सेल्समैन सो रहा था, जिसने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली।

सेल्समैन बाल बाल बचा
जानकारी के अनुसार, जब ठेके में आग लगी उस समय सेल्समैन सचिन अंदर ही सो रहा था। सचिन ने बताया कि वह अक्सर रात को शटर बंद करके ठेके के अंदर ही सो जाता है। गुरुवार रात भी सब कुछ सामान्य था और रात 12 बजे तक किसी तरह की परेशानी नहीं थी।
सचिन के मुताबिक करीब तीन बजे के आसपास उसे रजाई के अंदर घुटन महसूस होने लगी और तेज गर्मी का अहसास हुआ। जब उसकी नींद खुली तो उसने देखा कि ठेके के एक कोने में आग लगी हुई है और धुआं भरने लगा है।
शटर खोलकर बाहर भागा
सचिन ने बताया कि अंदर बढ़ते धुएं और आग को देखकर वह घबरा गया। बिना देर किए उसने शटर खोला और जान बचाकर बाहर निकल आया। उसके बाहर आते ही आग ने और विकराल रूप धारण कर लिया।
चंद मिनटों में ही पूरा ठेका आग की लपटों में घिर गया। सचिन ने तुरंत ठेके के मालिक को फोन कर घटना की जानकारी दी, जिसके बाद फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी गई।

तारों में स्पार्किंग से आग लगने की आशंका
ठेके पर काम करने वाले अन्य कर्मचारी कपिल राणा और सचिन का कहना है कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है। ठेके में बाहर से बिजली का कनेक्शन आ रहा था और आशंका है कि वहीं तारों में स्पार्किंग हुई, जिससे आग भड़की।
कर्मचारियों के अनुसार, ठेके के अंदर कोई भी भारी बिजली उपकरण नहीं था, केवल लाइट के लिए बल्ब लगा हुआ था। आग लगने के बाद बिजली विभाग को भी सूचना दे दी गई।
शराब ने पकड़ी आग, बोतलें फटने लगीं
आग लगने के बाद ठेके के अंदर रखी शराब ने तेजी से आग पकड़ ली। शराब अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण आग पर काबू पाना बेहद मुश्किल हो गया। गर्मी बढ़ने से बोतलें एक के बाद एक फटने लगीं, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्हें देर रात जोर-जोर से धमाकों जैसी आवाजें सुनाई दीं। जब वे बाहर आए तो देखा कि ठेके के आसपास कांच के टुकड़े बिखरे पड़े थे और आग भयानक रूप ले चुकी थी।
चार दमकल गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग बुझाने में दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। आग पर काबू पाने में आधे घंटे से ज्यादा समय लगा, जबकि कुछ अधिकारियों के अनुसार पूरी तरह आग बुझाने में करीब एक से डेढ़ घंटे तक का वक्त लगा।
आग बुझाने के लिए हजारों लीटर पानी का इस्तेमाल किया गया। इस दौरान दमकल कर्मियों ने आसपास की दुकानों और रिहायशी इलाकों को भी सुरक्षित किया, ताकि आग फैलकर किसी बड़े हादसे का कारण न बने।

पूरी शराब जलकर राख
इस हादसे में ठेके के मालिक को लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। ठेके में रखा पूरा शराब स्टॉक जलकर राख हो गया। कर्मचारियों के अनुसार, आग इतनी भयानक थी कि कोई भी व्यक्ति ठेके के पास तक नहीं जा सका। अगर समय रहते दमकल विभाग नहीं पहुंचता, तो आग आसपास की दुकानों और मकानों को भी अपनी चपेट में ले सकती थी।
तीन महीने पहले ही जॉइन की थी नौकरी
सेल्समैन सचिन ने बताया कि उसने करीब तीन महीने पहले ही इस ठेके पर नौकरी जॉइन की थी। वह भगवान का शुक्रिया अदा करता है कि वक्त रहते उसकी नींद खुल गई और वह बाहर निकल आया। सचिन ने कहा कि अगर वह कुछ मिनट और अंदर रुक जाता, तो धुएं में दम घुटने से उसकी जान भी जा सकती थी।
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर शहरी इलाकों में आग से सुरक्षा और बिजली व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।






