डेली संवाद, नई दिल्ली। ED Action: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने प्राइमरी टीचर्स रिक्रूटमेंट स्कैम (PTRS) मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल के विधायक और राज्य सरकार में माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME), टेक्सटाइल्स और करेक्शनल एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा की 3.65 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। यह कार्रवाई ईडी के कोलकाता जोनल कार्यालय द्वारा 31 दिसंबर 2025 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई।
ईडी (ED) के अनुसार, चंद्रनाथ सिन्हा पर प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितताओं और अवैध लेन-देन के जरिए अपराध से अर्जित धन (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) को हासिल करने का आरोप है। जांच में सामने आया कि भर्ती प्रक्रिया में भारी पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ और योग्य उम्मीदवारों की जगह अवैध रूप से पैसे लेकर नियुक्तियां की गईं।

641 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच
ईडी (ED) ने बताया कि PTRS मामले में अब तक की गई कुल ज़ब्ती और संपत्ति अटैचमेंट की राशि लगभग 154.91 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। जांच एजेंसी लगातार इस घोटाले से जुड़े अन्य व्यक्तियों, बिचौलियों और लाभार्थियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
यह भी पढ़ें: जालंधर में सुपर क्रीमिका स्वीट्स और Zomato को लीगल नोटिस जारी
ईडी (ED) के अनुसार, प्राइमरी टीचर्स रिक्रूटमेंट स्कैम के अलावा स्कूल सेवा आयोग (SSC) के असिस्टेंट टीचर रिक्रूटमेंट और ग्रुप ‘C’ एवं ग्रुप ‘D’ स्टाफ रिक्रूटमेंट स्कैम से जुड़े मामलों में भी अब तक करीब 486 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। इन सभी भर्ती घोटालों को मिलाकर अब तक कुल अटैचमेंट की राशि लगभग 641 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
जांच जारी, आगे और कार्रवाई के संकेत
जांच एजेंसी का कहना है कि ये घोटाले एक संगठित नेटवर्क के जरिए अंजाम दिए गए, जिसमें प्रभावशाली राजनीतिक लोग, सरकारी अधिकारी, बिचौलिये और अन्य सहयोगी शामिल थे। ईडी ने इस मामले में पहले भी कई आरोपियों की संपत्तियां जब्त की हैं और कई लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।

ईडी (ED) अधिकारियों के अनुसार, यह जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी संपत्तियों को अटैच किया जा सकता है। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घोटाले से अर्जित धन को किन-किन माध्यमों से निवेश किया गया और किन लोगों तक इसका लाभ पहुंचा।
श्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल
इस कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताते हुए सत्ताधारी दल पर निशाना साधा है, जबकि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।






