डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर बस स्टैंड के नजदीक स्थित आरटीओ ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर शुक्रवार को एक बार फिर प्रशासनिक अव्यवस्था देखने को मिली। पहले से तय अपॉइंटमेंट लेकर लाइसेंस बनवाने पहुंचे लोगों को उस समय भारी निराशा का सामना करना पड़ा, जब आरटीओ कार्यालय (RTO Office) पर ताले लटके मिले। दफ्तर बंद होने की वजह से करीब 40 से अधिक लोग घंटों परेशान होते रहे और प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया।
जालंधर (Jalandhar) में शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे लाइसेंस बनवाने के लिए बड़ी संख्या में लोग आरटीओ ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (RTO Driving Test Track) पहुंचे थे। सभी लोगों के पास पहले से ऑनलाइन अपॉइंटमेंट था और निर्धारित समय के अनुसार वे अपने काम-धंधे छोड़कर यहां पहुंचे थे। लेकिन मौके पर पहुंचने पर उन्हें पता चला कि आरटीओ कार्यालय बंद है और किसी भी कर्मचारी या अधिकारी की मौजूदगी नहीं है। इस कारण मौके पर हंगामे जैसे हालात बन गए।

लौटना पड़ा खाली हाथ
लाइसेंस बनवाने आए Jalandhar के पीड़ित नरेश कुमार ने बताया कि उन्होंने करीब एक महीने पहले ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट ली थी। उन्हें 3 जनवरी को दोपहर 3 बजे का समय दिया गया था। नरेश कुमार के अनुसार, वह अपनी दुकान बंद कर आरटीओ ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पहुंचे थे, लेकिन दफ्तर बंद मिलने से उनका पूरा दिन खराब हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों ने अब उन्हें दोबारा अपॉइंटमेंट लेने के लिए कहा है, जिससे उनकी पहले से जमा करवाई गई फीस भी बेकार चली गई।
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नरेश कुमार ने कहा कि आम आदमी के लिए बार-बार काम छोड़कर आना आसान नहीं होता। एक तरफ रोजगार का नुकसान होता है, दूसरी तरफ बार-बार फीस जमा करवाने से आर्थिक बोझ भी बढ़ता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जिन लोगों की फीस खराब हुई है, उन्हें राहत दी जाए।
युवाओं में गहरी नाराजगी
रामामंडी निवासी युवक अमनदीप ने बताया कि यह दूसरी बार है जब वह लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ कार्यालय पहुंचा है। उसे भी शुक्रवार दोपहर 3 बजे का अपॉइंटमेंट मिला था। अमनदीप ने बताया कि इससे पहले भी उसने फीस भरकर अपॉइंटमेंट ली थी, लेकिन उस दिन भी दफ्तर बंद होने के कारण उसकी फीस खराब हो गई थी। मजबूरी में उसने दोबारा फीस जमा कर नई अपॉइंटमेंट ली, लेकिन आज फिर वही स्थिति देखने को मिली।
अमनदीप का कहना है कि यह युवाओं के साथ अन्याय है। पहले ही बेरोजगारी और महंगाई से लोग परेशान हैं, ऐसे में सरकारी दफ्तरों की लापरवाही आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि अगर दफ्तर बंद रखना था तो पहले से सूचना दी जानी चाहिए थी।
40 से अधिक लोग हुए परेशान
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, करीब 40 से अधिक लोग लाइसेंस बनवाने के लिए पहुंचे थे। कई लोग दूर-दराज के इलाकों से आए थे। कुछ ने छुट्टी लेकर तो कुछ ने अपने निजी काम छोड़कर समय निकाला था। दफ्तर बंद मिलने से सभी लोगों में नाराजगी देखी गई। कई लोगों ने मौके पर ही प्रशासन के खिलाफ रोष जाहिर किया।
लोगों का कहना है कि आरटीओ जैसे महत्वपूर्ण विभाग में इस तरह की लापरवाही बेहद चिंताजनक है। यदि किसी कारणवश दफ्तर बंद रखा जाना था, तो विभाग को पहले ही ऑनलाइन पोर्टल या अन्य माध्यम से सूचना जारी करनी चाहिए थी, ताकि लोग बेवजह परेशान न हों।
RTO विभाग से समाधान की मांग
पीड़ितों ने आरटीओ विभाग से मांग की है कि इस तरह की अव्यवस्था पर तुरंत रोक लगाई जाए। साथ ही जिन लोगों की फीस दफ्तर बंद रहने के कारण खराब हुई है, उन्हें दोबारा फीस जमा किए बिना नई अपॉइंटमेंट दी जाए।
लोगों ने यह भी मांग की कि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए विभाग को स्पष्ट व्यवस्था और जवाबदेही तय करनी चाहिए। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर आम जनता में भारी नाराजगी है और लोग प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।








