डेली संवाद, लखनऊ। Transfer Posting News: उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा और ओवरलोडिंग के मामलों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की सख्ती का असर एक बार फिर देखने को मिला है। ओवरलोडिंग की लगातार मिल रही शिकायतों और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद परिवहन विभाग में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में तीन एआरटीओ (RTO) के निलंबन के बाद अब 18 सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों (ARTO) का तबादला कर दिया गया है, वहीं तीन आरटीओ (RTO) को भी नई तैनाती दी गई है। यह कार्रवाई ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के निर्देश पर की गई है, जिसके आदेश शनिवार को विशेष सचिव खेमपाल सिंह द्वारा जारी किए गए।

योगी आदित्यनाथ का सख्य एक्शन
प्रदेश में ओवरलोडिंग को सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण माना जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले भी कई मंचों से स्पष्ट कर चुके हैं कि सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में परिवहन विभाग में कार्यरत अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई, जिसमें कई जिलों से ओवरलोडिंग वाहनों को लेकर शिकायतें सामने आईं। इसके बाद विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए बड़े पैमाने पर तबादले किए हैं।
ट्रांसफर आदेश के तहत आलोक कुमार यादव को लखनऊ में एआरटीओ (प्रवर्तन) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजधानी लखनऊ में यह नियुक्ति खास मानी जा रही है, क्योंकि हाल के महीनों में यहां ओवरलोडिंग और अवैध वसूली को लेकर गंभीर आरोप सामने आए थे। अधिकारियों का मानना है कि नई तैनाती से प्रवर्तन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और वाहनों की जांच फिर से प्रभावी ढंग से शुरू हो सकेगी।
इन अफसरों का तबादला
अन्य तबादलों की बात करें तो चंपा लाल को सिद्धार्थनगर का एआरटीओ प्रशासन, अशोक कुमार श्रीवास्तव को गाजियाबाद, कौशल कुमार सिंह को सोनभद्र, मानवेंद्र प्रताप सिंह को सहारनपुर, विनय कुमार सिंह को आगरा और कृष्ण कुमार यादव को फर्रुखाबाद का एआरटीओ प्रशासन बनाया गया है।
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इसके अलावा हरिओम को बदायूं, वैभव सोती को बरेली, सतेंद्र कुमार यादव को मथुरा, विंध्याचल कुमार गुप्ता को कानपुर, उमेश चंद्र कटियार को रायबरेली, गुलाब चंद्र को अयोध्या, विपिन कुमार को बागपत, हरिओम को शाहजहांपुर, प्रतीक मिश्र को फतेहपुर और नीतू शमां को बुलंदशहर में एआरटीओ प्रवर्तन की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं देवदत्त कुमार को मेरठ का एआरटीओ प्राविधिक नियुक्त किया गया है।
तीन आरटीओ को भी नई तैनाती
इसके साथ ही तीन आरटीओ को भी नई तैनाती दी गई है। विशेष सचिव खेमपाल सिंह ने जानकारी दी कि राघवेंद्र सिंह को संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ प्रशासन) वाराणसी, मनोज कुमार सिंह को आरटीओ प्रशासन सहारनपुर और अम्बरीश कुमार को आरटीओ प्रवर्तन मेरठ बनाया गया है। इन नियुक्तियों को भी विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार की दिशा में अहम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि बीते वर्ष नवंबर में एसटीएफ ने लखनऊ, फतेहपुर, रायबरेली समेत कई जिलों में ओवरलोडिंग वाहनों से अवैध वसूली के मामलों में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस कार्रवाई में लखनऊ के एआरटीओ सहित तीन एआरटीओ, पीटीओ और अन्य कर्मियों पर गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई भी की गई थी।
वाहनों की जांच व्यवस्था प्रभावित हुई
एसटीएफ की छापेमारी और जांच के दौरान कई स्थानों पर वाहनों की जांच व्यवस्था प्रभावित हुई थी। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब नए एआरटीओ और आरटीओ की तैनाती से न केवल प्रवर्तन व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि ओवरलोडिंग पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त नीति के तहत की गई यह प्रशासनिक कार्रवाई यह संदेश देती है कि ओवरलोडिंग और भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परिवहन विभाग में किए गए ये तबादले आने वाले समय में सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।








