डेली संवाद, खन्ना। Punjab: पंजाब के लुधियाना (Ludhiana) जिले के कस्बा खन्ना के दोराहा क्षेत्र में डेढ़ वर्षीय बच्ची को गायब करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने इस मामले में पूर्व सरपंच और शिरोमणि अकाली दल के नेता जगजीत सिंह उर्फ जग्गी को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया
जगजीत सिंह जग्गी गांव चणकोईयां खुर्द के निवासी हैं। गिरफ्तारी के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल गर्मा गया है और अकाली दल (Shiromani Akali Dal) ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस कार्रवाई के अनुसार, यह मामला एक व्यक्ति दिलप्रीत सिंह की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।

दिलप्रीत सिंह ने पुलिस को बताया कि कुछ समय पहले उसकी पत्नी का निधन हो गया था। उस समय उसकी बेटी महज 14 दिन की थी, जो अब करीब डेढ़ साल की हो चुकी है। पत्नी की मौत के बाद दिलप्रीत मानसिक और पारिवारिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में था। इसी दौरान उसके दोस्त रहे जगजीत सिंह जग्गी ने बच्ची की देखभाल और पालन-पोषण की जिम्मेदारी लेने का भरोसा दिया।
बच्ची की देखरेख जग्गी के पास रही
शिकायतकर्ता के अनुसार, शुरुआत में बच्ची की देखरेख जगजीत सिंह जग्गी के पास रही, लेकिन बाद में उसने बच्ची को किसी अन्य व्यक्ति को सौंप दिया। दिलप्रीत सिंह का आरोप है कि उसे अपनी ही बेटी से मिलने नहीं दिया जा रहा और जब उसने बच्ची को वापस मांगा तो उससे पैसों की मांग की गई। इसी आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जगजीत सिंह जग्गी को हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तार कर लिया।
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गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया। शिरोमणि अकाली दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। रविवार देर रात अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने दोराहा पुलिस चौकी के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व अकाली नेता गुरप्रीत सिंह लापरा ने किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस अकाली नेताओं और कार्यकर्ताओं को जानबूझकर निशाना बना रही है और यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की गई है।

नेताओं का दावा
अकाली दल के नेताओं का दावा है कि दोराहा थाना के एसएचओ आकाश दत्त, जगजीत सिंह जग्गी को अपनी निजी गाड़ी में लेकर गए। उनका कहना है कि न तो परिवार को और न ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को इस गिरफ्तारी की कोई पूर्व सूचना दी गई। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि देर रात तक पुलिस की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की गई और उन्हें पुलिस चौकी के भीतर जाने से भी रोका गया।

वहीं, पुलिस इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रही है। दोराहा थाना के एसएचओ आकाश दत्त ने बताया कि पुलिस ने पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला पूरी तरह से शिकायत और तथ्यों के आधार पर दर्ज किया गया है। दिलप्रीत सिंह के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए ही आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि बच्ची की तलाश और उसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
और खुलासे होने की संभावना
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब जगजीत सिंह जग्गी विवादों में घिरे हों। इससे पहले भी खन्ना पुलिस ने उन्हें नशा तस्करी और हथियार सप्लाई के मामले में गिरफ्तार किया था। इस पृष्ठभूमि को देखते हुए यह मामला और भी संवेदनशील बन गया है।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और बच्ची के ठिकाने को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था के साथ-साथ राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित किया है। आने वाले दिनों में जांच के नतीजों के साथ इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।






