डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति दिन-प्रतिदिन बद से बदतर होती जा रही है। हालात ऐसे हो चुके हैं कि न आम नागरिक सुरक्षित है, न जनप्रतिनिधि और न ही खिलाड़ी व युवा। राज्य में हत्याएँ, गोलीबारी, धमकियाँ और फिरौती अब अपवाद नहीं रहीं, बल्कि रोज़मर्रा की घटनाएँ बन चुकी हैं।
हाल ही में अमृतसर (Amritsar) में एक सार्वजनिक समारोह के दौरान एक निर्वाचित सरपंच की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना अत्यंत भयावह है और यह दर्शाती है कि अपराधी अब किसी भी स्थान, किसी भी समय वारदात को अंजाम देने से नहीं हिचक रहे हैं। सार्वजनिक स्थल पर हुई यह हत्या पूरे प्रदेश में बढ़ती असुरक्षा की भावना को और गहरा करती है।
कानून का भय समाप्त होता जा रहा
यह अत्यंत चिंताजनक है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुने गए जनप्रतिनिधियों को भी खुलेआम निशाना बनाया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, खिलाड़ियों और युवाओं को लगातार धमकियाँ और फिरौती के कॉल मिल रहे हैं, जिससे पूरे प्रदेश में भय का वातावरण व्याप्त है और पंजाब का भविष्य असुरक्षित प्रतीत हो रहा है। आज पंजाब में गुंडाराज और फिरौती की संस्कृति तेजी से फैल रही है। अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, क्योंकि कानून का भय समाप्त होता जा रहा है।
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री आदित्य तकियार ने कहा कि “आज पंजाब में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी और आम नागरिक-कोई भी सुरक्षित नहीं है। अमृतसर जैसी प्रमुख जगह पर सार्वजनिक समारोह में हुई सरपंच की हत्या यह साफ दिखाती है कि गुंडाराज और फिरौती का खेल किस हद तक बढ़ चुका है। यह केवल कानून-व्यवस्था की नाकामी नहीं, बल्कि शासन की गंभीर संवेदनहीनता का प्रमाण है। यदि सरकार अब भी नहीं जागी, तो जनता को अपनी सुरक्षा के लिए सड़कों पर उतरकर आवाज़ उठानी पड़ेगी। पंजाब को अपराधियों के हवाले नहीं होने दिया जाएगा।”






