डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली तथा प्रवासी भारतीय मामलों के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा (Sanjeev Arora) ने आज घोषणा की कि एडहेसिव तथा निर्माण से संबंधित रसायनों के उत्पादन में अग्रणी कंपनी पिडिलाइट इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा पंजाब में 300 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश के साथ एक नई निर्माण सुविधा स्थापित की जाएगी।
यह प्रस्तावित परियोजना गांव माजरी फकीरां तथा गांव सोहणे माजरा, उप-तहसील घनौर, राजपुरा, जिला पटियाला में 31 एकड़ भूमि पर स्थापित की जाएगी। संजीव अरोड़ा (Sanjeev Arora) ने बताया कि यह सुविधा जल-आधारित एडहेसिव उत्पादों तथा वॉटरप्रूफिंग उत्पादों के मिश्रण और ब्लेंडिंग पर केंद्रित होगी। इसकी कुल प्रस्तावित उत्पादन क्षमता वार्षिक 2,00,000 मीट्रिक टन होगी, जिसमें 1,40,000 मीट्रिक टन जल-आधारित एडहेसिव उत्पाद तथा 60,000 मीट्रिक टन वॉटरप्रूफिंग उत्पाद शामिल होंगे।
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यह सुविधा मुख्य रूप से घरेलू बाजार की आवश्यकताओं को पूरा करेगी तथा भविष्य में आसपास के बाजारों में निर्यात की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इस परियोजना से उत्पन्न होने वाली रोजगार संभावनाओं को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से लगभग 300 रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है, जिनमें कुशल, अर्ध-कुशल और पर्यवेक्षण श्रेणियों में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष नौकरियां शामिल होंगी। उन्होंने आगे कहा कि यह सुविधा सर्वोत्तम औद्योगिक प्रथाओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक उपकरणों, उपयोगिताओं तथा अनुकूल वातावरण के साथ स्वास्थ्य एवं सुरक्षा (ईएचएस) प्रणालियों से युक्त होकर विकसित की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि पिडिलाइट इंडस्ट्रीज लिमिटेड की स्थापना वर्ष 1969 में की गई थी और यह भारत में उपभोक्ता तथा विशेष रसायनों के उत्पादन में एक अग्रणी कंपनी एवं मार्केट लीडर है। कंपनी एडहेसिव और सीलेंट, निर्माण से संबंधित रसायन, औद्योगिक रेज़िन, पिगमेंट तथा कला एवं शिल्प सामग्री के निर्माण में अग्रणी है। इसका प्रमुख ब्रांड ‘फेविकोल’ देश के सबसे विश्वसनीय ब्रांडों में से एक है।
संजीव अरोड़ा ने कहा कि उत्तर भारत में अपने निर्माण आधार को सुदृढ़ करने और बढ़ती क्षेत्रीय मांग को पूरा करने की रणनीति के तहत पिडिलाइट द्वारा पंजाब में यह प्रस्तावित सुविधा स्थापित की जा रही है। इस परियोजना का वित्तपोषण पूरी तरह आंतरिक संसाधनों के माध्यम से किया जाएगा और इसे दिसंबर 2027 तक वाणिज्यिक उत्पादन के लिए चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।








