डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर की मशहूर सुपर क्रीमिका स्वीट्स (Super Cremica Sweets) और जोमैटो प्राइवेट लिमिटेड (Zomato Private Limited) द्वारा एमआरपी मूल्य से ज्यादा पैसा वसूलने के मामले में आखिरकार जोमैटो ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। जोमैटो ने शिकायतकर्ता को फोन कर के इसके लिए माफी मांगी है और कहा है कि सुपर क्रीमिका स्वीट्स (Super Cremica Sweets) से कारण पूछा जाएगा।
जानकारी के मुताबिक जालंधर (Jalandhar) के सामाजिक कार्यकर्ता करणप्रीत सिंह ने जोमैटो (Zomato) से 30 नवंबर 2025 को देसी घी आटा बिस्कुट आर्डर किया था। जोमैटो (Zomato) का यह आर्डर कनाट सर्कस रोड स्थित सुपर क्रीमिका स्वीट्स (Super Cremica Sweets) के लिए था। सुपर क्रीमिका स्वीट्स ने 190 रुपए बिस्कुल का 228 रुपए चार्ज किए। जिसका बिल भी उन्होंने कऱणप्रीत सिंह को भेजा।
38 रुपए ज्यादा वसूले
एडवोकेट संदीप कुमार वर्मा द्वारा भेजे गए लीगल नोटिस में कहा गया है कि उनके क्लाइंट करणप्रीत सिंह जोमैटो (Zomato) के गोल्ड मेंबर है। जोमैटो के नियम और शर्तों के मुताबिक गोल्ड मेंबर से अतिरिक्त दाम नहीं वसूला जा सकता है। बिस्कुट की कीमत 190 रुपए थी, लेकिन सुपर क्रीमिका और जोमैटो ने करणप्रीत सिंह से 228 रुपए दाम वसूला।
यह भी पढ़ें: जालंधर में सुपर क्रीमिका स्वीट्स और Zomato को लीगल नोटिस जारी
लीगल नोटिस के मुताबिक करणप्रीत सिंह से 38 रुपए ज्यादा वसूल किए गए। जिससे करणप्रीत सिंह काफी दुखी हुआ हैं। एडवोकेट संदीप कुमार वर्मा द्वारा सुपर क्रीमिका स्वीट्स (Super Cremica Sweets) और जोमैटो (Zomato) को भेजे गए लीगल नोटिस में 5 लाख रुपए कंपनसेशन और 99 हजार रुपए लीगल फीस की मांग की गई है।

जोमैटो ने खेद प्रकट किया
इस लीगल नोटिस के बाद जोमैटो (Zomato) प्रबंधन ने शिकायतकर्ता करणप्रीत सिंह से फोन कर खेद प्रकट किया। जोमैटो (Zomato) के प्रबंधन से कहा गया है कि उनका सारा पैसा वे वापस कर देंगे, लेकिन शिकायतकर्ता करणप्रीत सिंह ने कहा है कि अब कोर्ट जो फैसला करेगी, उसे माना जाएगा।
उधर, जोमैटो (Zomato) के प्रबंधन ने कहा है कि इस मामले में सुपर क्रीमिका स्वीट्स (Super Cremica Sweets) के मालिकों से कारण पूछा गया। फिलहाल सुपर क्रीमिका स्वीट्स (Super Cremica Sweets) और जोमैटो (Zomato) को कोर्ट में जवाब देना होगा कि आखिर उन्होंने करणप्रीत सिंह से एमआरपी से ज्यादा कीमत क्यों वसलू किया।
पढ़ें लीगल नोटिस की कापी











