डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab Cabinet Reshuffle: पंजाब सरकार ने गुरुवार को मंत्रिमंडल में अहम फेरबदल करते हुए कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया है। इस फेरबदल में सबसे बड़ा बदलाव लोकल बॉडीज विभाग को लेकर किया गया है। अब तक यह विभाग संभाल रहे डॉ. रवजोत सिंह से यह जिम्मेदारी वापस ले ली गई है और उन्हें एनआरआई मामलों का विभाग सौंपा गया है। यह विभाग पहले कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के पास था।
वहीं, संजीव अरोड़ा को पंजाब (Punjab) में लोकल बॉडीज विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इस बदलाव के बाद संजीव अरोड़ा (Sanjeev Arora) को सरकार के सबसे प्रभावशाली मंत्रियों में गिना जा रहा है और उन्हें कैबिनेट का तीसरा सबसे पावरफुल मंत्री माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को सरकार की शहरी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

नगर निगम चुनाव होने हैं
यह फेरबदल ऐसे समय में किया गया है, जब राज्य में आने वाले दिनों में नगर निगम चुनाव होने हैं। सरकार की मंशा शहरी क्षेत्रों में अपनी पकड़ को और मजबूत करने की है। लोकल बॉडीज विभाग सीधे तौर पर नगर निगम, नगर परिषद और शहरी विकास से जुड़ा हुआ है, ऐसे में इस विभाग की भूमिका चुनावी दृष्टि से बेहद अहम मानी जाती है। सरकार का मानना है कि संजीव अरोड़ा शहरी पृष्ठभूमि से आते हैं और शहरी मुद्दों की बेहतर समझ रखते हैं। इसी वजह से उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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संजीव अरोड़ा की प्रमोशन के पीछे एक और अहम कारण भी बताया जा रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री भगवंत मान के जापान और नॉर्थ कोरिया दौरे के दौरान संजीव अरोड़ा की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही थी। इस विदेश दौरे में कई व्यापारिक और औद्योगिक समझौते हुए, जिनमें अरोड़ा की सक्रिय भागीदारी रही। सरकार उनकी इस भूमिका से काफी संतुष्ट नजर आई, जिसका असर अब कैबिनेट फेरबदल में देखने को मिला है।
संजीव अरोड़ा का सियासी सफर
संजीव अरोड़ा का राजनीतिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। वर्ष 2025 में उन्होंने लुधियाना वेस्ट विधानसभा सीट से हुए उपचुनाव में जीत दर्ज कर विधायक के रूप में विधानसभा में एंट्री की। उन्होंने 28 जून 2025 को विधायक पद की शपथ ली। इससे पहले वे राज्यसभा सांसद थे। विधायक बनने के बाद उन्होंने 1 जुलाई 2025 को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
इसके बाद 3 जुलाई 2025 को उन्हें पंजाब कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। शुरुआत में उन्हें उद्योग एवं वाणिज्य और एनआरआई मामलों के विभाग सौंपे गए थे। इसके बाद 18 अगस्त 2025 को हुए कैबिनेट फेरबदल में उनके कद को और बढ़ाते हुए उन्हें बिजली विभाग की भी जिम्मेदारी दी गई थी। अब लोकल बॉडीज विभाग मिलने के बाद उनकी राजनीतिक और प्रशासनिक भूमिका और मजबूत हो गई है।

रवजोत के पास अब एक विभाग
वहीं, डॉ. रवजोत सिंह को एनआरआई विभाग सौंपे जाने को भी एक संतुलित फैसला माना जा रहा है। एनआरआई विभाग राज्य के प्रवासी पंजाबियों से जुड़ा हुआ है और इसमें निवेश, शिकायत निवारण और संपर्क जैसे अहम कार्य शामिल हैं।
कुल मिलाकर, यह कैबिनेट फेरबदल पंजाब सरकार की आगामी शहरी चुनावी रणनीति और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाता है। आने वाले समय में इसका असर शहरी राजनीति और नगर निगम चुनावों में देखने को मिल सकता है।








