डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े सरपंच जरमल सिंह की हत्या के मामले में पंजाब पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पंजाब (Punjab) के डीजीपी गौरव यादव ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि अब तक इस मामले में कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पंजाब (Punjab) के डीजीपी गौरव यादव (DGP Gaurav Yadav) ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 2 रायपुर से, 2 मोहाली से और 3 तरनतारन से पकड़े गए हैं। ये सभी गिरफ्तारियां छत्तीसगढ़ के रायपुर, पंजाब के मोहाली और तरनतारन से की गई हैं।

इन्हें गिरफ्तार किया
डीजीपी ने कहा कि रायपुर से पकड़े गए सुखराज सिंह निवासी तरनतारन और कर्मजीत सिंह निवासी गुरदासपुर ही वे मुख्य आरोपी हैं, जिन्होंने सरपंच जरमल सिंह पर गोलियां चलाई थीं। इन दोनों के अलावा जोबनजीत सिंह नाम के दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
14 दिन के ट्रांजिट रिमांड
डीजीपी ने बताया कि सोमवार सुबह पुलिस (Police) ने तीन और आरोपियों—कुलविंदर सिंह उर्फ किंदा, अरमानदीप सिंह और हरदीप सिंह—को भी हिरासत में लिया है। सभी आरोपियों को छत्तीसगढ़ की एक स्थानीय अदालत में पेश कर 14 दिन के ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया है। इसके बाद उन्हें हवाई मार्ग से पंजाब लाया जा रहा है, जहां आगे की पूछताछ की जाएगी।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीजीपी गौरव यादव ने यह भी खुलासा किया कि इस हत्याकांड के पीछे विदेश में बैठे एक हैंडलर की साजिश थी। उन्होंने बताया कि गैंगस्टर प्रभ दासुवाल के साथ सरपंच जरमल सिंह की पुरानी रंजिश चल रही थी, जिसके चलते इस मर्डर की योजना बनाई गई। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और विदेशी हैंडलर की भूमिका क्या रही।

गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई
डीजीपी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति पंजाब में कानून व्यवस्था को चुनौती देगा या गोली चलाने जैसी वारदात को अंजाम देगा, तो पंजाब पुलिस उसे देश या विदेश में कहीं भी नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और संगठित अपराध तथा गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
गौरतलब है कि तरनतारन क्षेत्र के रहने वाले सरपंच जरमल सिंह की 4 जनवरी को उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वे अमृतसर में एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे। यह वारदात दिनदहाड़े की गई, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। हत्या के बाद आरोपी शूटर तुरंत फरार हो गए थे और छत्तीसगढ़ पहुंचकर रायपुर में अपने रिश्तेदारों के घर छिप गए थे।

सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जाएगी- DGP
पुलिस जांच के दौरान तकनीकी इनपुट और खुफिया जानकारी के आधार पर पंजाब पुलिस ने छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त ऑपरेशन चलाया। रविवार को रायपुर में कार्रवाई करते हुए दोनों मुख्य शूटरों को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद लगातार दबिश देकर अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया।
डीजीपी ने कहा कि यह कार्रवाई पंजाब पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि वह अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शने वाली नहीं है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरपंच जरमल सिंह के परिवार को न्याय दिलाने के लिए पुलिस हर संभव कदम उठाएगी और इस हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जाएगी।







