डेली संवाद, दुर्ग। GST Raid News Update: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध गुटखा कारोबार को लेकर स्टेट जीएसटी विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए गुटखा किंग के नाम से मशहूर गुरमुख जुमनानी पर 317 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई गनियारी गांव में संचालित अवैध गुटखा फैक्ट्री पर पिछले साल जुलाई और सितंबर में की गई छापामार कार्रवाई के बाद की गई विस्तृत जांच का नतीजा है।
स्टेट जीएसटी (GST) विभाग की टीम ने कोमल फूड प्रोडक्ट्स के नाम से चल रही इस फैक्ट्री पर जब छापा मारा था, तब वहां से लाखों रुपये का गुटखा बनाने का कच्चा माल, मशीनें और पैकिंग से जुड़ा सामान बरामद किया गया था। छापे के दौरान फैक्ट्री मालिक गुरमुख जुमनानी मौके से फरार हो गया था, हालांकि बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पांच साल से चल रहा था अवैध कारोबार
स्टेट जीएसटी (GST) की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। विभाग के अनुसार गुरमुख जुमनानी पिछले पांच वर्षों से ‘मीठी सुपारी’ के नाम पर प्रतिबंधित तंबाकू युक्त सितार गुटखा का अवैध निर्माण और बिक्री कर रहा था। गुटखा पर राज्य में प्रतिबंध होने के बावजूद जुमनानी ने नियमों को ताक पर रखकर बड़े पैमाने पर इसका काला कारोबार खड़ा कर लिया था।
यह भी पढ़ें: जालंधर में सुपर क्रीमिका स्वीट्स और Zomato को लीगल नोटिस जारी
स्टेट जीएसटी (GST) के अधिकारियों ने बताया कि तंबाकू मिश्रण का फॉर्मूला तैयार करने के लिए विशेष रूप से मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा से कुशल कर्मचारियों को बुलाया गया था। इससे यह साफ होता है कि यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित और पेशेवर तरीके से चलाया जा रहा था।

अलग-अलग जगहों पर होता था निर्माण और पैकिंग
स्टेट जीएसटी (GST) की जांच में यह भी सामने आया कि जुमनानी ने अपने कारोबार को छिपाने के लिए उत्पादन की प्रक्रिया को अलग-अलग स्थानों पर बांट रखा था। गुरमुख जुमनानी के बेटे सागर की कोमल फूड फैक्ट्री, जो जोरातरई-गनियारी में स्थित है, वहां गुटखा की पैकिंग की जाती थी। वहीं गुटखा का कच्चा माल राजनांदगांव में तैयार किया जाता था। इस तरीके से वह विभाग की नजरों से बचने की कोशिश कर रहा था।
टैक्स चोरी के पुख्ता सबूत
स्टेट जीएसटी (GST) विभाग की जांच में टैक्स चोरी और अवैध व्यापार से जुड़े पुख्ता सबूत मिले हैं। दस्तावेजों, जब्त सामान और लेन-देन के रिकॉर्ड के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि जुमनानी ने बड़े पैमाने पर जीएसटी की चोरी की है। इसी के चलते विभाग ने उस पर 317 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।

स्टेट जीएसटी (GST) के अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई जुलाई 2025 में पड़े छापे के बाद पूरी की गई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। अब विभाग पिछले पांच वर्षों के बकाया टैक्स की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर रहा है।
आगे भी सख्त कार्रवाई के संकेत
स्टेट जीएसटी (GST) विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध गुटखा कारोबार और टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस मामले को विभाग ने नजीर बताते हुए कहा है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और ऐसे गैरकानूनी कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।







