ED Jalandhar: लुधियाना के इंडस्ट्रियलिस्ट एसपी ओसवाल के डिजिटल अरेस्ट केस में जालंधर की ED ने की बड़ी कार्ऱवाई

जांच एजेंसी ने 14 फरवरी 2026 को इस मामले में एक अनंतिम कुर्की आदेश (Provisional Attachment Order) भी जारी किया था। इस आदेश के तहत कुल 1.76 करोड़ रुपये की बैंक शेष राशि को कुर्क किया गया है।

Daily Samvad
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S.P. Oswal digital arrest ED Case
Punjab Government
Highlights
  • लुधियाना के उद्योगपति एसपी ओसवाल से हुई थी ठगी
  • डिजिटल अरेस्ट कर करोड़ों रुपए ठगे थे
  • सीबीआई के बाद ईडी ने लिया बड़ा एक्शन
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डेली संवाद, जालंधर। ED Jalandhar files prosecution complaint against five accused in S.P. Oswal digital arrest-linked PMLA case:  प्रवर्तन निदेशालय (ED) जालंधर आंचलिक कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए लुधियाना के मशहूर उद्योगपति एस.पी. ओसवाल से जुड़े डिजिटल गिरफ्तारी मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज की है। यह शिकायत 19 फरवरी 2026 को विशेष न्यायालय पीएमएलए, जालंधर के समक्ष दायर की गई।

ईडी (ED) की ओर से दर्ज शिकायत में सुश्री रूमी कलिता, अर्पित राठौर, आनंद चौधरी, अतनु चौधरी और उनकी फर्म मेसर्स फ्रोजनमैन वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स को आरोपी बनाया गया है। एजेंसी के अनुसार, इन सभी के खिलाफ पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत धन शोधन से संबंधित अपराध में संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य पाए गए हैं।

ED Jalandhar files prosecution complaint against five accused in S.P. Oswal digital arrest-linked PMLA case
ED Jalandhar files prosecution complaint against five accused in S.P. Oswal digital arrest-linked PMLA case

अनंतिम कुर्की आदेश भी जारी

जांच एजेंसी ने 14 फरवरी 2026 को इस मामले में एक अनंतिम कुर्की आदेश (Provisional Attachment Order) भी जारी किया था। इस आदेश के तहत कुल 1.76 करोड़ रुपये की बैंक शेष राशि को कुर्क किया गया है। ईडी के अधिकारियों का कहना है कि यह राशि कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) का हिस्सा है, जिसे विभिन्न खातों और माध्यमों से स्थानांतरित किया गया था।

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सूत्रों के अनुसार, मामला उद्योगपति एस. पी. ओसवाल की कथित “डिजिटल गिरफ्तारी” से जुड़ा है। आरोप है कि आरोपियों ने डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर वित्तीय लेन-देन को अंजाम दिया और अवैध धन को वैध दिखाने का प्रयास किया। ईडी की जांच में बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन, कंपनियों के रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच की गई।

ED Jalandhar files prosecution complaint against five accused in S.P. Oswal digital arrest-linked PMLA case
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संदिग्ध लेन-देन सामने आए

एजेंसी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के दौरान कई संदिग्ध लेन-देन सामने आए, जिनके आधार पर पीएमएलए के तहत कार्रवाई शुरू की गई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों द्वारा संचालित फर्म के माध्यम से धन के लेन-देन को व्यवस्थित ढंग से अंजाम दिया गया। इसी आधार पर फर्म को भी अभियोजन शिकायत में शामिल किया गया है।

ईडी का कहना है कि अनंतिम कुर्की आदेश का उद्देश्य अपराध से अर्जित धन को सुरक्षित रखना है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उसे संरक्षित किया जा सके। अब यह मामला विशेष न्यायालय पीएमएलए, जालंधर में विचाराधीन रहेगा, जहां अदालत आरोपों की समीक्षा कर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करेगी।

ED Jalandhar files prosecution complaint against five accused in S.P. Oswal digital arrest-linked PMLA case
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पीएमएलए के तहत कठोर दंड

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो दोषियों को पीएमएलए के तहत कठोर दंड का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें कारावास और भारी जुर्माना शामिल है। साथ ही कुर्क की गई संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है।

इस कार्रवाई को धन शोधन के खिलाफ ईडी की सख्त नीति का हिस्सा माना जा रहा है। एजेंसी ने हाल के वर्षों में डिजिटल वित्तीय अपराधों और फर्जी कंपनियों के माध्यम से किए जाने वाले लेन-देन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। जालंधर आंचलिक कार्यालय की यह कार्रवाई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।















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