डेली संवाद, नई दिल्ली। Uday Bhanu Chib: इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब (Uday Bhanu Chib) को दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट में हुए हंगामे के मामले में मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले 23 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था, जहां करीब 20 घंटे तक उनसे सवाल-जवाब किए गए। गिरफ्तारी के बाद चिब को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां पुलिस ने अदालत से सात दिन की रिमांड की मांग की है।
दिल्ली पुलिस का आरोप है कि 20 फरवरी को भारत मंडपम में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शनकारी उदय भानु चिब (Uday Bhanu Chib) के निर्देश पर कार्यक्रम स्थल के अंदर दाखिल हुए थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि प्रदर्शनकारी चिब के संपर्क में थे और विरोध की पूरी योजना पूर्व नियोजित थी। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच और अन्य संभावित आरोपियों की पहचान के लिए कस्टोडियल इंटरोगेशन जरूरी है।

पुलिस की दलीलों का विरोध
वहीं, चिब (Uday Bhanu Chib) के वकील ने अदालत में पुलिस की दलीलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों से 7-8 टी-शर्ट पहले ही बरामद की जा चुकी हैं। केवल टी-शर्ट के आधार पर यह मान लेना कि कोई संगठित साजिश रची गई थी, उचित नहीं है। वकील ने तर्क दिया कि टी-शर्ट कहीं भी छपवाई जा सकती हैं और पुलिस द्वारा ‘पूरी फैक्ट्री’ की जांच की बात करना अतिरंजित है। ऐसे में कस्टोडियल इंटरोगेशन की आवश्यकता नहीं बनती।
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गौरतलब है कि 20 फरवरी को AI समिट के दौरान IYC के 11 सदस्य भारत मंडपम के अंदर घुस गए थे। उन्होंने शर्ट उतारकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाली टी-शर्ट लहराई और “PM मोदी इज कॉम्प्रोमाइज्ड” के नारे लगाए। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए थे। घटना के तुरंत बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।

आठ लोगों की गिरफ्तारी
इस मामले में अब तक कुल आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से भी तीन कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया गया है। उदय भानु चिब (Uday Bhanu Chib) की गिरफ्तारी के साथ ही जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच कर रही है।
वहीं, कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने इसे पूरी तरह असंवैधानिक बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। कांग्रेस ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की गई है।

लोकतांत्रिक अधिकार
इसी बीच IYC के राष्ट्रीय महासचिव शेष नारायण ओझा ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को देश विरोधी करार देना गलत है। ओझा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और भाजपा हर विरोध की आवाज को ‘एंटी-इंडिया’ बताकर असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है और इसे दबाने के लिए पुलिस कार्रवाई का सहारा लिया जा रहा है।
ओझा ने यह भी दावा किया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कई राज्यों में पुलिस ने लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान भी नेताओं को हिरासत में लिया गया। फिलहाल अदालत में रिमांड पर फैसला आना बाकी है, जिसके बाद मामले की आगे की दिशा तय होगी।







