डेली संवाद, पटियाला। Punjab News: पटियाला (Patiala) जिले के शुतराना हलके से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक टैक्सी ड्राइवर ने जहर निगलकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मरने से पहले उसने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए कुछ प्रभावशाली लोगों और एक पूर्व विधायक को जिम्मेदार ठहराया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और न्याय की मांग तेज हो गई है।
मृतक की पहचान बलजिंदर सिंह के रूप में हुई है, जो गांव हमझेरी का निवासी था। बताया जा रहा है कि वह टैक्सी चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। घटना से पहले बनाए गए वीडियो में बलजिंदर सिंह ने 28 मार्च को टैक्सी स्टैंड पर हुए विवाद का जिक्र किया और पूरी घटना का विस्तार से वर्णन किया।

टैक्सी स्टैंड पर झगड़ा हुआ
वीडियो में बलजिंदर सिंह ने कहा कि वह टैक्सी स्टैंड पर हुए एक छोटे से झगड़े को शांत कराने के लिए बीच-बचाव करने गया था। उसने बताया कि वहां मौजूद मेजर सिंह मेहरा और बिल्ला के बीच कहासुनी हो रही थी। जब उसने उन्हें समझाने की कोशिश की तो उल्टा उसे ही गालियां दी जाने लगीं। बलजिंदर के मुताबिक, उसे यह नहीं पता था कि यह पूरा विवाद उसे फंसाने के लिए रचा गया था।
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उसने आगे बताया कि जब उसने आरोपियों को समझाया कि महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल न करें, तो वे उस पर ही भड़क गए। उसने माफी भी मांगी, लेकिन इसके बावजूद मामला शांत नहीं हुआ। आरोप है कि मेजर सिंह ने अपने भाई और अन्य साथियों को बुला लिया, जिन्होंने मिलकर बलजिंदर सिंह के साथ मारपीट की।

टैक्सी ड्राइवर ने VIDEO बनाया
वीडियो में उसने दावा किया कि कुछ बाहरी लोगों को भी बुलाया गया, जिनमें एक कथित तौर पर एक करोड़पति का दामाद भी शामिल था। इन लोगों ने टैक्सी स्टैंड पर उसकी बेरहमी से पिटाई की। बलजिंदर ने कहा कि जब उसने अपने घर फोन कर परिवार को बुलाया, तो आरोपियों ने उसके बच्चों के साथ भी मारपीट की और उसकी गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया।
सबसे गंभीर आरोप उसने शुतराना के पूर्व विधायक निर्मल सिंह पर लगाया। बलजिंदर सिंह ने वीडियो में कहा कि आरोपियों को पूर्व विधायक का संरक्षण प्राप्त है और उसी के दबाव में पुलिस उसके खिलाफ मामला दर्ज करने की कोशिश कर रही थी। उसने आरोप लगाया कि थाना स्तर पर भी उस पर दबाव बनाया जा रहा था कि वह खुद ही अपने खिलाफ FIR दर्ज करवाए।
प्रताड़ना से परेशान होकर यह कदम उठाया
वीडियो में उसने यह भी कहा कि आरोपियों ने उसकी जाति को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां कीं, जिससे वह मानसिक रूप से काफी आहत हुआ। उसने कहा कि वह लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर यह कदम उठा रहा है। वीडियो के अंत में उसने टैक्सी स्टैंड के अन्य लोगों से अपील की कि वे इंसाफ के लिए खड़े रहें और यदि उसने कभी किसी को अनजाने में ठेस पहुंचाई हो तो उसे माफ कर दें।
इस घटना के बाद मृतक के बेटे कृष्ण सिंह ने पुलिस को शिकायत दी। उसने आरोप लगाया कि उसके पिता को लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। 3 अप्रैल को आरोपियों ने टैक्सी स्टैंड पर न केवल उसके पिता के साथ मारपीट की, बल्कि उनकी गाड़ी को भी तोड़ दिया। इसी अपमान और दबाव के कारण उसके पिता ने जहर निगल लिया।

इलाज के दौरान उसने दम तोड़ा
जहर खाने के बाद बलजिंदर सिंह की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तुरंत हरियाणा के टोहाना स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए समाना के सरकारी अस्पताल भेजा और फिर परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मृतक के बेटे के बयान और वायरल वीडियो के आधार पर कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारी गुरप्रीत सिंह के अनुसार, भारतीय दंड संहिता की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत केस दर्ज किया गया है। नामजद आरोपियों में मेजर सिंह, कर्मजीत सिंह उर्फ पीचा बंटी (निवासी पातड़ां) और दीपक (निवासी समाना) शामिल हैं, जबकि कुछ अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
घटना के बाद मृतक के परिजनों में भारी रोष
वहीं, इस मामले में नाम आने के बाद पूर्व विधायक निर्मल सिंह ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से सक्रिय राजनीति से दूर हैं और न तो वह मृतक को जानते थे और न ही इस घटना से उनका कोई संबंध है। उन्होंने इसे एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार दिया और पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी रोष है।
परिवार ने साफ कहा है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे न्याय के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बढ़ती हिंसा और दबाव की प्रवृत्ति को भी उजागर करती है। अब सबकी नजरें पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।








