डेली संवाद, रोपड़। Firing in Punjab: पंजाब के जिला रोपड़ के नूरपुर बेदी में रविवार को एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां एक शॉपिंग मॉल के अंदर युवक की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान हरमोल सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि हमलावर ने युवक के सीने में तीन गोलियां दागीं। गोली लगने के बाद हरमोल सिंह जान बचाने के लिए मॉल से बाहर की ओर भागा, लेकिन दरवाजे तक पहुंचते ही जमीन पर गिर पड़ा।
मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पंजाब पुलिस (Punjab Police) की टीम और नूरपुरबेदी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। मॉल और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
इस हत्याकांड की जिम्मेदारी हरजोत सिंह सिद्धू नामक युवक ने ली है। रविवार शाम उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दावा किया कि उसने यह कदम अपने भाई की हत्या का बदला लेने और लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर उठाया है। हालांकि पुलिस ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि आरोपी ने आत्मसमर्पण किया है या नहीं, लेकिन इलाके में चर्चा है कि उसने सरेंडर कर दिया है।
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जानकारी के अनुसार, हरजोत सिंह सिद्धू और हरमोल सिंह के बीच लंबे समय से पुरानी रंजिश चली आ रही थी। हरजोत का आरोप है कि 13 मई 2019 को हरमोल सिंह ने उसके भाई सुखविंदर सिंह की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस मामले में हरमोल करीब चार साल जेल में रहने के बाद हाल ही में जमानत पर बाहर आया था।
वीडियो में हरजोत सिंह ने कहा कि जमानत पर बाहर आने के बाद हरमोल सिंह लगातार उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। उसने आरोप लगाया कि जब भी हरमोल उसका सामना करता, खासकर तब जब वह अपने बच्चों के साथ होता, तो वह गाड़ी रोककर उसे डराने की कोशिश करता था। हरजोत के मुताबिक, हरमोल मूंछों पर ताव देता, पिस्तौल दिखाता और पुराने केस को वापस लेने के लिए दबाव बनाता था।
हरजोत ने दावा किया कि घटना वाले दिन नूरपुर बेदी में दोनों का आमना-सामना हुआ। उस समय हरमोल अपने तीन-चार साथियों के साथ मौजूद था। आरोपी के अनुसार, वहां भी उसे डराने और अपमानित करने की कोशिश की गई। उसने कहा कि वह लंबे समय से भय और दबाव में जी रहा था और उसे लगा कि अब उसकी सुरक्षा खतरे में है। इसी कारण उसने आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं।
वीडियो में हरजोत सिंह ने यह भी साफ किया कि इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति, दोस्त या राजनीतिक संगठन का कोई हाथ नहीं है। उसने कहा कि उसने पूरी घटना को अकेले अंजाम दिया है और यह फैसला उसने पूरी सोच-समझ तथा होश में लिया। आरोपी ने कहा कि वह लगातार डर और मानसिक तनाव में जी रहा था और इस “गुलामी” से छुटकारा पाने के लिए उसने यह कदम उठाया।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस अब मॉल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि वारदात के समय मौजूद लोगों की पहचान की जा सके। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार लाइसेंसी था या अवैध।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की भी जांच होगी और आरोपी के दावों की सत्यता परखी जाएगी। फिलहाल पुलिस ने किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है।
इस घटना ने एक बार फिर पंजाब में बढ़ती आपसी रंजिश और हथियारों के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े मॉल के अंदर हुई फायरिंग से लोग सहमे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
