डेली संवाद, मोहाली। Punjab News: मोहाली में आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों और एक ASI के बीच हुआ विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का विषय बन गया है। मामला फेज-8 में लगाए गए पुलिस नाके का है, जहां विधायक की गाड़ी को रोककर पुलिस ने ब्लिंकर लाइट और पहचान को लेकर पूछताछ की। घटना के दो दिन बाद पुलिस विभाग ने ASI लखबीर सिंह को सस्पेंड कर दिया।
वहीं विधायक ने शनिवार रात सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा। जानकारी के मुताबिक यह घटना गुरुवार शाम की है। विधायक डिंपी ढिल्लों अपनी पत्नी और ड्राइवर के साथ चंडीगढ़ (Chandigarh) डिनर के लिए जा रहे थे। इसी दौरान फेज-8 मोहाली पुलिस ने इलाके में नाका लगाया हुआ था। नाके पर तैनात ASI लखबीर सिंह ने उनकी गाड़ी को हाथ देकर रोका और गाड़ी पर लगी ब्लिंकर लाइट को लेकर सवाल पूछे।
ASI ने MLA का पहचान पत्र दिखाने को कहा
विधायक के अनुसार उनके ड्राइवर जगतार सिंह ने ASI को बताया कि गाड़ी में मौजूदा विधायक बैठे हैं और यह वाहन विधानसभा में रजिस्टर्ड है। इसके बावजूद ASI ने विधायक का पहचान पत्र दिखाने को कहा। ड्राइवर ने मोबाइल फोन में विधायक का आईडी कार्ड दिखाया। विधायक का आरोप है कि ASI ने अपने साथ मौजूद कॉन्स्टेबल से कहा कि अगर यह मौजूदा विधायक हैं तो छोड़ देना, नहीं तो चालान कर देना।
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शनिवार रात वीडियो जारी करते हुए विधायक डिंपी ढिल्लों ने कहा कि पिछले दो दिनों से इस मामले को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आ रही थीं, इसलिए उन्होंने खुद पूरी सच्चाई बताने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि अगर वह सामने आकर बात नहीं करेंगे तो लोगों को असली घटना का पता नहीं चलेगा।
MLA परिवार के साथ डिनर के लिए जा रहे थे
वीडियो में विधायक ने कहा कि वह परिवार के साथ सामान्य तरीके से डिनर के लिए जा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ASI ने उनसे बात करने के दौरान गलत व्यवहार किया और अपने अधिकार का रौब दिखाया। विधायक ने कहा कि उनकी गाड़ी विधानसभा में रजिस्टर्ड है और उस पर विधायक का स्टिकर लगा हुआ था। ऐसे में ब्लिंकर लाइट लगी होना कोई असामान्य बात नहीं थी।
डिंपी ढिल्लों ने कहा कि ASI बार-बार पूछ रहा था कि वह मौजूदा विधायक हैं या पूर्व विधायक। इसके बाद उसने पहचान पत्र दिखाने को कहा। विधायक के मुताबिक जब ड्राइवर मोबाइल में आईडी कार्ड दिखा रहा था, तभी ASI ने अपने साथी पुलिसकर्मी से कहा कि अगर विधायक हैं तो जाने देना, नहीं तो चालान काट देना।
मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी
विधायक ने दावा किया कि इसी दौरान थाना प्रभारी सतनाम सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरी बात सुनी और कथित तौर पर ASI के व्यवहार के लिए माफी मांगी। विधायक ने कहा कि उन्होंने SHO से कहा कि अगर उनके साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है तो आम लोगों के साथ पुलिस कैसा व्यवहार करती होगी।
डिंपी ढिल्लों ने कहा कि इसके बाद उन्होंने मोहाली के SSP हरमंदीप सिंह हंस को फोन किया और पूरे मामले की शिकायत की। विधायक के अनुसार उन्होंने SSP से कहा कि उन्हें चालान से कोई दिक्कत नहीं है, चाहे दो चालान कर दिए जाते, लेकिन पुलिस अधिकारी का व्यवहार गलत था। उन्होंने आरोप लगाया कि ASI लोगों से ठीक ढंग से बात नहीं करता।
उसने अपनी पावर दिखाई, मैंने अपनी
विधायक ने वीडियो में यह भी कहा कि ASI के पास पुलिस की ताकत थी और उसने उसका इस्तेमाल किया, जबकि उनके पास विधायक होने की ताकत थी और उन्होंने उसका इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी शक्ति का इस्तेमाल चालान रुकवाने के लिए नहीं, बल्कि गलत व्यवहार के खिलाफ कार्रवाई करवाने के लिए किया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ASI ने उनकी गाड़ी का चालान नहीं काटा था। विधायक ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह दिखाया गया कि उनकी गाड़ी पर अवैध ब्लिंकर और काले शीशे लगे थे, जबकि उनकी गाड़ी पर काले शीशे नहीं थे। उन्होंने कहा कि विधायक और कई सरकारी अधिकारियों की गाड़ियों पर ब्लिंकर लाइट लगी होती है और उनकी गाड़ी भी उसी श्रेणी में आती है।
₹1500 का चालान काटा
हालांकि दूसरी ओर पुलिस सूत्रों के अनुसार विधायक की गाड़ी का ₹1500 का चालान काटा गया। चालान में ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने, सरकारी काम में बाधा डालने और दुर्व्यवहार करने जैसी धाराएं शामिल बताई गई हैं। यह चालान रात करीब 8:55 बजे जारी किया गया।
मामले को लेकर पुलिस विभाग ने फिलहाल आधिकारिक रूप से ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है। SSP मोहाली हरमंदीप सिंह हंस से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं DSP हरसिमरन बल ने खुद को व्यस्त बताते हुए मामले की जानकारी के लिए थाना फेज-8 प्रभारी से संपर्क करने को कहा। थाना प्रभारी सतनाम सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दोनों पक्षों से बात करने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
मामले में अपना पक्ष रखा
उन्होंने यह भी कहा कि ASI के खिलाफ हुई कार्रवाई विभागीय मामला है और इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती।उधर ASI लखबीर सिंह ने भी इस मामले में अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि वह नाके पर ड्यूटी कर रहे थे और एक निजी गाड़ी सामने से आ रही थी। जैसे ही वाहन नाके के पास पहुंचा, उसमें बैठे लोगों ने डैशबोर्ड में रखी लाल बत्ती जला ली। इसी वजह से उन्हें शक हुआ और उन्होंने गाड़ी रोक ली।
ASI के अनुसार हाल ही में जालंधर में हुई एक घटना के बाद सुरक्षा कारणों से सख्ती बढ़ाई गई थी और इसी कारण पुलिस नाके लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि जब ड्राइवर से पूछताछ की गई तो उसका जवाब था कि पहले चालान कर लो, बाद में बात करेंगे। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।
राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल इस मामले को सत्ता के दुरुपयोग से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि AAP समर्थक विधायक के पक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग दो हिस्सों में बंटे दिखाई दिए। कुछ लोगों ने विधायक के रवैये पर सवाल उठाए, तो कुछ ने पुलिस के व्यवहार को गलत बताया।
फिलहाल मामले में विभागीय जांच जारी है और ASI को सस्पेंड कर दिया गया है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि विवाद की असली वजह क्या थी और किसकी कार्रवाई सही थी।
