डेली संवाद, होशियारपुर। Punjab News: होशियारपुर में शुक्रवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब 3 साल का मासूम खेलते-खेलते बोरवेल के गड्ढे में जा गिरा। घटना गांव भेखोवाल की बताई जा रही है, जहां मासूम वंश अपने घर के बाहर खेतों में खेल रहा था। अचानक उसका पैर फिसल गया और वह बोरवेल के पास बने गहरे गड्ढे में फंस गया।
घटना का पता चलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और बच्चे को बाहर निकालने के प्रयास शुरू कर दिए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं।
खेलते-खेलते बोरवेल के गड्ढे गिरा
होशियारपुर (Hoshiarpur) के एसएसपी संदीप कुमार मलिक खुद घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी संभाली। प्रशासन ने बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए 4 जेसीबी मशीनों को लगाया है। इसके अलावा डॉक्टरों की टीम, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ और अन्य राहत दल भी मौके पर मौजूद हैं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर एनडीआरएफ की टीम को भी बुला लिया है।
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गांव वालों के अनुसार, राहत की बात यह है कि बच्चा अभी जिंदा है और अंदर से उसकी हलचल महसूस हो रही है। कैमरे की मदद से भी बच्चे की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसी वजह से परिवार और प्रशासन को उम्मीद है कि बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। गांव के लोग लगातार मौके पर मौजूद हैं और बच्चे के सकुशल बाहर आने की दुआ कर रहे हैं।
पानी निकालने के लिए बोर करवाया था
एचएचओ किरण सिंह ने बताया कि बच्चा सीधे पाइप के अंदर नहीं गिरा, बल्कि पाइप के साथ बनी खाली जगह में फंसा हुआ है। उन्होंने बताया कि करीब 15 दिन पहले परिवार ने वहां पानी निकालने के लिए बोर करवाया था। इस दौरान लगभग 15 इंच का पाइप लगाया गया था। पानी निकलने के बाद पाइप को ऊपर से बंद कर दिया गया था, लेकिन आसपास खुदे गड्ढे को पूरी तरह से भरा नहीं गया। जमीन रेतीली होने के कारण बच्चा खेलते समय फिसल गया और पाइप के साथ बनी खाली जगह में जा फंसा।
प्रशासन ने बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाने और उसकी स्थिति पर नजर रखने के लिए कैमरे और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। मौके पर मौजूद अधिकारी लगातार रेस्क्यू टीमों से संपर्क बनाए हुए हैं। अंधेरा होने के बावजूद बचाव कार्य में कोई बाधा न आए, इसके लिए बड़े स्तर पर लाइटिंग की व्यवस्था भी की गई है। एसडीएम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं।
मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल
बच्चे के परिवार की हालत बेहद खराब है। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास के ग्रामीण परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि प्रशासन पूरी गंभीरता से काम कर रहा है और सभी को उम्मीद है कि बच्चा सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि बच्चा एक पंजाबी परिवार से संबंध रखता है, जो खेतों में घर बनाकर वहीं रह रहा है।
घटना के बाद समाजसेवी संस्थाएं भी प्रशासन के साथ बचाव अभियान में जुट गई हैं। बाबा दीप सिंह सेवा दल के प्रमुख भाई मनजोत सिंह तलवंडी की टीम भी लगातार मौके पर मौजूद है और प्रशासन के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन में सहायता कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर पंजाब में बोरवेल हादसों की दर्दनाक यादें ताजा कर दी हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी
हालांकि साल 2024 में फाजिल्का में एक बच्चे को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। उस घटना में प्रशासन और ग्रामीणों की त्वरित कार्रवाई के कारण बच्चे की जान बच गई थी। अब होशियारपुर में चल रहे इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर पूरे पंजाब की नजर बनी हुई है।
फिलहाल प्रशासन का कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने की पूरी कोशिश की जा रही है। गांव में दुआओं और उम्मीदों का माहौल है। हर कोई बस यही प्रार्थना कर रहा है कि मासूम वंश जल्द सुरक्षित अपने परिवार के पास लौट आए।
