डेली संवाद, चंडीगढ़। Chandigarh Municipal Corporation Smart City Scam: नगर निगम में बड़ा घोटाला सामने आया है। आईडीएफसी बैंक से जुड़े कथित घोटाले की आंच अब नगर निगम चंडीगढ़ तक पहुंचती दिखाई दे रही है। प्रारंभिक जांच में स्मार्ट सिटी मिशन की ग्रांट (Smart City Mission) राशि के लेन-देन में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, करीब 116 करोड़ रुपये के फंड में अनियमितता सामने आई है, जिससे निगम प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार से स्मार्ट सिटी मिशन (Smart City Mission) के तहत मिलने वाली ग्रांट पहले आईडीएफसी बैंक (IDFC Bank) और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank) के खातों में जमा होती थी।

ट्रांजैक्शन एंट्री में अंतर
मिशन के चंडीगढ़ (Chandigarh) में समाप्त होने के बाद यह राशि नगर निगम (Municipal Corporation) के खातों में ट्रांसफर कर दी गई थी। हाल ही में आईडीएफसी बैंक (IDFC Bank) से जुड़े मामले के उजागर होने के बाद निगम अधिकारियों ने अपने खातों का मिलान शुरू किया तो ट्रांजैक्शन एंट्री में अंतर मिलने की बात सामने आई।
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सूत्रों का कहना है कि निगम की वित्तीय शाखा ने जब पुरानी और नई ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड खंगाला तो कुछ भुगतानों में विसंगतियां पाई गईं। खासतौर पर यह जांच की जा रही है कि संबंधित रकम किन अधिकारियों के हस्ताक्षर से जारी हुई और प्रक्रिया का पालन किया गया या नहीं। देर रात तक अकाउंट ब्रांच के अधिकारी कार्यालय में बैठकर दस्तावेजों और बैंक स्टेटमेंट का मिलान करते रहे।

अकाउंटेंट हुआ गायब
इस बीच, वित्तीय शाखा में अनुबंध पर कार्यरत एक अकाउंटेंट के अचानक संपर्क से बाहर होने की सूचना ने मामले को और गंभीर बना दिया है। बताया जा रहा है कि संबंधित कर्मचारी फंड के लेन-देन से जुड़े कार्य देखता था और उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस संबंध में कोई पुष्टि नहीं की गई है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निगम प्रशासन ने अकाउंट ब्रांच के कर्मचारियों को मीडिया से बातचीत न करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारी फिलहाल आंतरिक जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की टिप्पणी से बच रहे हैं।
कमिश्नर विदेश दौरे पर
नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार फिलहाल विदेश दौरे पर हैं और शुक्रवार को लौटने वाले हैं। उनके लौटने के बाद उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर पूरे मामले की विस्तृत समीक्षा किए जाने की संभावना है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यदि प्रारंभिक जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है तो विस्तृत ऑडिट और आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
फिलहाल, नगर निगम के अधिकारी खातों के मिलान और दस्तावेजों की जांच में जुटे हैं। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और संभावित कार्रवाई पर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।








