डेली संवाद, पटियाला/ग्वालियर। Punjab Patiala MLA Harmeet Singh Arrested In Sexual Assault Case: पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को पटियाला पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। उन पर एक महिला द्वारा लगाए गए यौन शोषण के गंभीर आरोपों के बाद यह कार्रवाई की गई है। पुलिस ने उन्हें मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में ग्वालियर के पास से काबू किया।
जानकारी के अनुसार, पंजाब (Punjab) के विधायक पठानमाजरा पहले हरियाणा के करनाल में गिरफ्तार किए गए थे, लेकिन पुलिस कस्टडी से फरार होकर विदेश भाग गए थे। बाद में उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। बताया जाता है कि वह ऑस्ट्रेलिया में रहकर सोशल मीडिया के जरिए सरकार के खिलाफ बयान देते रहे। पुलिस ने उनके खिलाफ पहले ही लुकआउट नोटिस जारी कर रखा था।
पठानमाजरा मध्य प्रदेश में देखे गए
मंगलवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि पठानमाजरा (MLA Harmeet Singh) मध्य प्रदेश में देखे गए हैं। इसके बाद विशेष टीमों ने ऑपरेशन चलाकर उन्हें और उनके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया। पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई दिनों से प्रयास किए जा रहे थे और 5 से 6 टीमों को इस काम में लगाया गया था। दो दिन के लंबे ऑपरेशन के बाद यह सफलता मिली।
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एसएसपी के मुताबिक, आरोपी को पटियाला लाया जा चुका है और अब उन्हें अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तारी के समय वह स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर दिल्ली की ओर जा रहे थे, जहां 25 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में उनकी याचिका पर सुनवाई निर्धारित थी।

यौन शोषण का केस
यह मामला पिछले साल 1 सितंबर 2025 को सामने आया था, जब पटियाला के सिविल लाइंस थाने में एक महिला की शिकायत पर पठानमाजरा के खिलाफ IPC की धारा 376 (बलात्कार), 420 (धोखाधड़ी) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत केस दर्ज किया गया था।
महिला ने आरोप लगाया था कि 2013-2014 से लेकर 2024 तक पठानमाजरा ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। उसने यह भी दावा किया कि 2021 में लुधियाना के एक गुरुद्वारे में उनकी शादी हुई थी, जबकि आरोपी पहले से शादीशुदा था।
पुलिस हिरासत से फरार हो गए थे
शिकायत के बाद 2 सितंबर 2025 को उन्हें करनाल से गिरफ्तार किया गया था, लेकिन पुलिस हिरासत के दौरान फायरिंग और पथराव की घटना में वह फरार हो गए। इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ था। बाद में अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी और दिसंबर 2025 में उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया गया।
यह गिरफ्तारी राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि तीन दिनों के भीतर AAP के दूसरे विधायक की गिरफ्तारी हुई है। इससे पहले लालजीत सिंह भुल्लर को मंडी गोबिंदगढ़ से पुलिस ने हिरासत में लिया था, हालांकि उन्होंने इसे आत्मसमर्पण बताया था। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है और आने वाले दिनों में इस केस में और खुलासे होने की संभावना है।







