डेली संवाद, पंजाब। Petrol-Diesel Crisis: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब पंजाब में भी महसूस होने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है, जिसके चलते पेट्रोल पंपों ने खुले में (ड्रम या बोतलों में) ईंधन बेचना बंद कर दिया है।
इसके साथ ही, लॉकडाउन की फैलती अफवाहों ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है। लोग बड़ी मात्रा में तेल खरीदने के लिए पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं, जिसके चलते कई जगहों पर तेल का स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान कई क्षेत्रों के कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं।
तेल की खुली आपूर्ति पर रोक
किसान भी तेल इकट्ठा करने के लिए ड्रम लेकर पंपों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन तेल कंपनियों के निर्देशों के अनुसार, तेल की खुली आपूर्ति अब रोक दी गई है। ईंधन की आपूर्ति को संतुलित रखने के लिए अब पंप मालिक केवल सीमित मात्रा में ही ईंधन उपलब्ध करा रहे हैं।
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पंजाब (Punjab) में 1 अप्रैल से गेहूं की कटाई शुरू होने वाली है। इससे डीजल की खपत बढ़ना तय है, जिसके चलते मांग और भी बढ़ सकती है। जनता को राहत देते हुए केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाने का फैसला किया है। इससे तेल कंपनियों को कुछ राहत मिलेगी।
जालंधर, मोगा, लुधियाना, अमृतसर और पटियाला समेत कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर देर रात तक लंबी कतारें लगी रहीं। कुछ ग्रामीण इलाकों में तो पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने की भी खबरें हैं, वहीं जालंधर में एक पंप को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।







