Canada Asylum Rule: कनाडा ने इमीग्रेशन रूल्स में किया बड़ा बदलाव, अब असाइलम्‌ (Asylum) मिलना होगा मुश्किल

सरकार ने आवेदकों को दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया है। पहली श्रेणी उन लोगों की है, जो कानूनी या अन्य माध्यमों से कनाडा पहुंचते हैं। ऐसे सभी लोगों को अपनी लैंडिंग की तारीख से एक साल के भीतर आवेदन करना होगा।

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Highlights
  • नियम पहले से कहीं अधिक सख्त कर दिए गए
  • Canada सरकार ने नया “वन-ईयर रूल” लागू किया
  • कनाडा आने वाले सभी लोगों पर लागू होगा
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⏱️ 4 मिनट पढ़ने का समय|📝 443 शब्द|📅 28 Mar 2026

डेली संवाद, चंडीगढ़/ओटावा। Canada Asylum Rule: कनाडा में शरण लेने के इच्छुक लोगों के लिए अब नियम पहले से कहीं अधिक सख्त कर दिए गए हैं। मार्क कार्नी की सरकार ने नया “वन-ईयर रूल” लागू किया है, जिसके तहत अब किसी भी आवेदक को देश में प्रवेश के एक वर्ष के भीतर ही शरण (Asylum) के लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा।

नए नियम के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति कनाडा (Canada) में प्रवेश करने के 365 दिनों के भीतर अपना दावा पेश नहीं करता है, तो उसका मामला Immigration and Refugee Board of Canada (IRB) को नहीं भेजा जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि ऐसे आवेदक शरण के लिए औपचारिक सुनवाई के अधिकार से वंचित हो सकते हैं।

Canada Asylum Rule
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दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित

कनाडा (Canada) सरकार ने आवेदकों को दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया है। पहली श्रेणी उन लोगों की है, जो कानूनी या अन्य माध्यमों से कनाडा (Canada) पहुंचते हैं। ऐसे सभी लोगों को अपनी लैंडिंग की तारीख से एक साल के भीतर आवेदन करना होगा।

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दूसरी श्रेणी उन लोगों की है, जो अमेरिका (USA) से लगती जमीनी सीमा के जरिए कनाडा (Canada) में प्रवेश करते हैं। इस वर्ग के लिए नियम और अधिक कड़े हैं। ऐसे आवेदकों को केवल 14 दिनों के भीतर ही शरण का दावा प्रस्तुत करना होगा। यदि वे इस समय सीमा को चूक जाते हैं, तो वे सुनवाई के अधिकार से वंचित हो सकते हैं।

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सभी लोगों पर लागू होगा नियम

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह नियम 24 जून 2020 के बाद कनाडा (Canada) आने वाले सभी लोगों पर लागू होगा। यानी जो लोग इस तारीख के बाद देश में आए हैं और उन्होंने एक वर्ष के भीतर आवेदन नहीं किया, उनके मामलों को रिफ्यूजी बोर्ड तक नहीं भेजा जाएगा।

ऐसी स्थिति में आवेदकों के पास केवल “प्री-रिमूवल रिस्क असेसमेंट” (PRRA) का विकल्प बचेगा। यह प्रक्रिया शरण प्राप्त करने की तुलना में कहीं अधिक जटिल और कठिन मानी जाती है, जिसमें व्यक्ति को अपने देश लौटने पर संभावित खतरों को साबित करना होता है।

इमिग्रेशन नीति में बड़ा बदलाव

विशेषज्ञों का मानना है कि इन सख्त नियमों का उद्देश्य शरण प्रणाली को सुव्यवस्थित करना और फर्जी या देरी से किए गए दावों को कम करना है। हालांकि, इससे वास्तविक जरूरतमंद आवेदकों के लिए चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं। नए नियमों के लागू होने के बाद कनाडा की इमिग्रेशन नीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसका असर वैश्विक स्तर पर शरण चाहने वालों पर पड़ सकता है।

















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