डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने जरूरतमंद और विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों के कल्याण के लिए एक और मानवीय तथा बाल हितैषी कदम उठाया है। बच्चों के लिए संवाद की सुविधा सुनिश्चित करने और भाषा संबंधी कठिनाइयों को दूर करने हेतु 42 स्पेशल एजुकेटर, 1 साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटर और 48 अनुवादकों को पैनल में शामिल किया गया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर (Baljit Kaur) ने कहा कि विशेष जरूरतों वाले बच्चों को अक्सर अपनी भावनाओं और समस्याओं को व्यक्त करने में कठिनाई होती है, जिससे उनकी देखभाल और पुनर्वास की प्रक्रिया प्रभावित होती है। अब ये विशेषज्ञ बच्चों और चाइल्ड वेलफेयर अथॉरिटीज के बीच संवाद को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
समस्याओं को व्यक्त करने में कठिनाई
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि ये स्पेशल एजुकेटर, साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटर और अनुवादक बच्चों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने, उनकी काउंसलिंग करने, पुनर्वास प्रक्रिया को तेज करने तथा बच्चों को उनके परिवारों या अभिभावकों से पुनः जोड़ने में सहायता करेंगे।
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उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान करना भी है। इस पहल से विशेष जरूरतों वाले बच्चों की भावनाओं को समझने और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में बड़ी मदद मिलेगी।
मंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और विशेष रूप से बच्चों के अधिकारों की रक्षा तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए इस प्रकार के मानवीय कदम निरंतर उठाए जा रहे हैं।









