बरगाड़ी कांड के बाद पुलिस गोलीबारी की घटनाओं की जांच के लिए गठित ‘सिट’ द्वारा बादल पिता -पुत्र और अक्षय कुमार तलब
डेली संवाद, चंडीगढ़
बरगाड़ी बेअदबी मामले के बाद पुलिस गोलीबारी की घटनाओं की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) द्वारा पूछताछ के लिए पूर्व मंख्यमंत्री परकाश सिंह बादल, उनके पुत्र सुखबीर बागल और एक्टर अक्षय कुमार को अगले सप्ताह पेश होने के लिए सम्मन जारी किये गए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को 16 नवंबर को पेश होने के लिए कहा गया है जबकि पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को 19 नवंबर और अक्षय कुमार को 21 नवंबर को अमृतसर के सर्किट हाऊस में पेश होने के लिए कहा गया है। इस विशेष जांच टीम के मैंबर आई.जी. पी. (ओ.सी.सी.यू.) कुंवर विजय प्रताप सिंह द्वारा इन तीनों को अलग तौर पर सम्मन जारी किये गए हैं।
यह सम्मन वर्ष 2015 में घटित बेअदबी की घटनाओं से संबंधित हैं
उन्होंने बताया कि यह सम्मन वर्ष 2015 में घटित बेअदबी की घटनाओं से संबंधित हैं, जिस संबंधी जि़ला फरीदकोट के कोटकपूरा शहरी थाने में तारीख़ 07.08.2018 को आईपीसी की धारा 307, 323, 341, 148, 149 और आर्मज़ एक्ट की धारा 27 के अंतर्गत एफ.आई.आर. नम्बर. 129 दर्ज है।
यह सम्मन सी.आर.पी.सी. की धारा 160 के अंतर्गत जारी किये गए हैं और यह बरगाड़ी बेअदबी कांड और बहबल कलाँ और कोटकपूरा पुलिस गोलीबारी की घटनाओं की जांच में हाजिऱी से संबंधित हैं।
इन सम्मनों के मुताबिक ‘ऊपर बताए गए अपराध की जांच में इन व्यक्तियों की मौजूदगी ज़रूरी है’ और तलब किये इन व्यक्तियों को ‘इस कथित अपराध संबंधी जानकारी, जो उनके पास हो सकती है, देने की ज़रूरत है’।
इन अफसरों से पहले ही पूछताछ हो गई
इस विशेष जांच टीम द्वारा इससे पहले ए.डी.जी.पी. जतिन्दर जैन (बठिंडा के तत्कालीन आई.जी.), आई.जी.पी. परमराज सिंह उमरानंगल (लुधियाना के तत्कालीन कमिशनर), आई.जी.पी. अमर सिंह चाहल (तत्कालीन डी.आई.जी. फिऱोज़पुर रेंज), एम.एस.जग्गी (तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर फरीदकोट), एस.एस. मान (फरीदकोट के तत्कालीन एस.एस.पी.), वी.के. सिआल (फरीदकोट के तत्कालीन एसडीएम) और कोटकपूरा के तत्कालीन विधायक मनतार सिंह बराड़ से पूछताछ की जा चुकी है।
इसके अलावा 50 अन्य व्यक्तियों और 30 से अधिक जूनियर रैंक के पुलिस अधिकारियों से भी पूछताछ की जा चुकी है। गौरतलब है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से संबंधित घटनाओं की जांच सीबीआई से वापस लेने संबंधी नोटिफिकेशन जारी होने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने इस वर्ष सितम्बर में यह 5 सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित की थी।
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