मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने डिजिटल जांच प्रशिक्षण और अध्ययन केंद्र का उद्घाटन

डेली संवाददाता, मोहाली
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज यहाँ आला दर्जे के डिजिटल जांच प्रशिक्षण और अध्ययन केंद्र (डी.आई.टी.ए.सी.) का उद्घाटन किया जिससे साईबर आतंकवाद के बढ़ रहे खतरे ख़ास तौर पर सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ और नशों की तस्करी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए राज्य की आतंकवाद विरोधी क्षमता मज़बूत होगी।
देश के इस चौथे यूनिट की महत्ता का जि़क्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नये उभर रहे साईबर खतरों के लिए ऑनलाइन तकनीकी ख़ुफिय़ा ढांचे का विस्तार करने की ज़रूरत थी और ऐसे तीन और यूनिट गुरूग्राम, गोहाटी और उत्तराखंड में स्थापित हैं। पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य जिसकी 555 किलोमीटर सीमा दुश्मन देश के साथ लगती है, के मज़बूत ख़ुफिय़ा साजो-सामान के साथ लैस होने की अहमीयत पर ज़ोर देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पंजाब की भौगोलिक स्थिति के कारण राज्य घुसपैठ और नशों की तस्करी जैसी गतिविधियों के पक्ष से संवेदनशील है।
सीमा पार से होती घुसपैठ और नशों की तस्करी रुकेगी
उन्होंने कहा कि साईबर क्राइम के उभरने से ग़ैर-रिवायती चुनौती खड़ी हुई है जिस कारण लोगों की सुरक्षा को ऑनलाइन यकीनी बनाने के लिए सभी तकनीकों को फिर से समीक्षा करना और अपनाना बहुत ज़रूरी है। यह सैंटर पंजाब पुलिस और राष्ट्रीय तकनीकी खोज संस्था (एन.टी.आर.ओ) के दरमियान साझे उद्यम के तौर पर राज्य के साईबर क्राइम सैल में स्थापित किया गया है। इस केंद्र के साथ साईबर फोरेंसिक, सोशल मीडिया का अध्ययन और कथन एवं कहने के क्षेत्र में राज्य की चल रही तैयारियों को और बल मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि कारगिल में हुई घुसपैठ के दौरान राष्ट्रीय संस्था की स्थापना साल 2004 में की गई थी।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि इस यूनिट के साथ अमन कानून की रक्षा करने वाली एजेंसियाँ साईबर स्पेस में समाज विरोधी तत्वों को प्रभावशाली ढंग से टक्कर देने में महारत का विकास करने के अलावा साईबर क्राइम की निगरानी के क्षेत्र में पुलिस मुलाजिमों को मानक प्रशिक्षण भी दिया जा सके।
ऑनलाइन धोखाधडिय़ों पर रोक लगेगी
अपराधिक गतिविधियों में प्रौद्यौगिकी बढ़ रहे प्रयोग पर चिंता ज़ाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने तकनीकों के विकास में लगातार आगे बढऩे की ज़रूरत पर ज़ोर दिया जिससे कानूनी मंतव्यों के लिए डिजिटल सबूतों को प्रयोग में लाया जा सके जिससे ऑनलाइन क्राइम और धोखाधडिय़ों के साथ जुड़े मामलों की जांच करके कानूनी निष्कर्ष पर ले जाया जा सके। उन्होंने कहा कि डिजिटल फोरेंसिक जांच को समयबद्ध ढंग से पूरा करने से दोषियों के खि़लाफ़ कार्यवाही की जा सकेगी और ऑनलाइन धोखाधडिय़ों पर रोक लगेगी।
मुख्यमंत्री ने एडवांस फोरेंसिक लैब में तैनात पुलिस मुलाजिमों के साथ भी बातचीत की और ऑनलाइन डाटा का अध्ययन करके दोषियों को पकडऩे में उनकी महारत की प्रशंसा की। उन्होंने डी.जी.पी. को कहा कि साईबर क्राइम में होती नयी तबदीलियों संबंधी इन अधिकारियों को जानकारी मुहैया करवाना यकीनी बनाया जाये। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने इस केंद्र के उद्देश्य और कामकाज संबंधी सीध देते हुए पुस्तिकों को भी जारी किया जो पंजाब पुलिस द्वारा तैयार किया गई हैं।
WhatsApp पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 8847567663 को अपने Mobile में Save करके इस नंबर पर Missed Call करें। हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।









