
डेली संवाद, संगरूर
शिरोमणि अकाली दल ने रविवार को संगरूर में बड़े स्तर पर रैली कर 6 अहम प्रस्तावों को पास किया। रैली में हुजूम को देख कर अकाली दल के मुखिया सुखबीर सिंह बादल काफी जोश में थे। सुखदेव सिंह ढींडसा और परमिंदर सिंह ढींडसा को पार्टी से बर्खास्त करने समेत 6 प्रस्ताव इस रैली में पारित किए गए हैं।
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वहीं, रैली को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री परकाश सिंह बादल ने कहा है कि उनकी सुखदेव सिंह ढींडसा और रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा के खिलाफ सिर्फ सियासी ही नहीं बल्कि पारिवारिक सांझ भी थी। यही कारण था कि वह उनसे पारिवारिक मामलों में भी सलाह लेते थे।
पंजाब के संगरूर की एक जनसभा में जिस तरह से पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को सुनने को हुजूम उमड़ा है, उसे देखकर लगता है कि मुख्यमंत्री @capt_amarinder के राज में सबकुछ ठीक नहीं है। @Akali_Dal_ @officeofssbadal @bsmajithia @gurpreetsbhasin @BJPPunjab @officialYAD #akalibjp pic.twitter.com/XQ3ApIFefo
— Mahabir Jaiswal (@mahabirjaiswal) February 2, 2020
परकाश सिंह बादल ने कहा कि जिन लोगों को पार्टी ने इतना बड़ा मान सम्मान दिया, उन्होंने ही जरुरत के वक्त पार्टी को पीठ दिखाई। इस रैली में अकाली दल बादल की लीडरशिप के अलावा भाजपा नेता भी मौजूद थे। रैली दौरान खास बात यह रही कि इस मौके पर अकाली दल द्वारा 6 प्रस्ताव पास किए गए।
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अकाली दल ने पास किए 6 प्रस्ताव
- सुखदेव सिंह ढींडसा और परमिंदर सिंह ढींडसा को पार्टी से बर्खास्त किया जाए।
- कांग्रेस पार्टी खास तौर पर गांधी परिवार और कैप्टन अमरेंद्र सिंह द्वारा गुरुद्वारों पर कब्जा करने और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को तोड़ने की कोशिश की जा रही है, जिसकी सख्त तौर पर निंदा की गई।
- केंद्र सरकार द्वारा पास किए गए नए कानून सी.ए.ए. में मुस्लिम भाईचारे को भी शामिल किया जाए।
- पार्टी से इस्तीफा देने वाले सुखदेव सिंह ढींडसा और परमिंदर सिंह ढींडसा राज्यसभा और विधानसभा से भी इस्तीफा दें।
- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री मुस्तूयाणा साहिब को ढींडसा के कब्जे से मुक्त करवाए।
- बहबल कलां मामले के मुख्य गवाह की मौत के लिए जिम्मेदार कांग्रेसियों के खिलाफ हो कार्रवाई और कैप्टन अमरेंद्र सिंह इसकी जांच सी.बी.आई. से करवाए।










