नई दिल्ली। दिल्ली में 18 लाख वाहन बगैर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) के दौड़ रहे हैैं। इनमें दो पहिया की संख्या अधिक है। बगैर पीयूसी वाले साढ़े 13 लाख दो पहिया वाहन हैं जबकि चार लाख 20 हजार कारें ऐसी हैं जिनके पास पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं है। परिवहन विभाग अब ऐसे वाहनों के खिलाफ और सख्ती करने जा रहा है।
परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कुछ दिन पहले कंप्यूटर ब्रांच से वाहनों का डेटा मांगा गया था, मिले डेटा के अनुसार दिल्ली में एक करोड़ 34 लाख वाहन चल रहे हैं। जिनमें 18 लाख वाहनों के पास पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मसला है, लोगों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। इस बारे में लापरवाही ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते कि सौ से भी कम रुपये में बनने वाले पीयूसी प्रमाणपत्र के लिए लोेगों को 10 हजार का चालान कटवाना पडे़।
प्रतिदिन औसतन 10 हजार पीयूसी प्रमाणपत्र
स्थिति पर गौर करें तो प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के मामले में परिवहन विभाग की सख्ती का असर दिख रहा है। विभाग की सख्ती के बाद अब अगस्त की तुलना में प्रतिदिन दोगुने प्रमाणपत्र बन रहे हैं। अगस्त में प्रतिदिन 10 हजार प्रमाणपत्र बन रहे थे जो अब 20 हजार प्रतिदिन बन रहे हैं।
आंकडों पर नजर डालें तो 10 अगस्त से एक सितंबर तक प्रतिदिन औसतन 10 हजार पीयूसी प्रमाणपत्र बन रहे थे। मगर सितंबर के शुरू में परिवहन विभाग ने इस संबंध में एडवाइजरी जारी की और लोगों को सलाह दी कि अपने पीयूसी प्रमाणपत्र बनवा लें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।









