डेली संवाद, लुधियाना। Punjab News: शिरोमणी अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने आज केंद्र सरकार से भाई बलंवत सिंह राजोआणा सहित सभी सिख बंदियों को रिहा करने की अपील की तथा प्रो. दविंदरपाल सिंह भुल्लर की रिहाई के आदेश पर हस्ताक्षर नही करने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की निंदा की।
पूर्व मंत्री भाई राजोआणा की बहन कमलदीप कौर राजोआणा से मुलाकात की तथा राजोआणा के चरित्र के साथ साथ सभी धर्मों और मानव जाति के लिए उनके प्यार और सम्मान के बारे में जानकारी सांझा की। उन्होने कहा, ‘‘ मैने खुद से वादा किया था कि मैं बीबी राजोआणा से मिलूंगा और भाई के साथ बिताए समय की यादें सांझा करूंगा। भाई राजोआणा एक आदर्श कैदी और धर्मनिष्ठ सिख हैं, जो जेल में अपने कर्तव्यों को पूरा करने के अलावा ‘‘ नितनेम’’ करते हैं।
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उन्होंने कहा कि वह ‘सरबत दा भला’ सिद्धांत का पालन करते हैं और जेल परिसर में आने वाले पक्षियों और जानवरों सहित सभी मानव जाति से प्यार करते हैं। वह रिहाई के लिए पूरे हकदार हैं तथा इसका विरोध करने वाले जानबूझकर अपने तुच्छ राजनीतिक लाभ के लिए हिंदू-सिखों में बंटवारा पैदा कर रहे हैं’’। ऐसा नही करना उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन करना है।
बिक्रम सिंह मजीठिया ने केंद्र सरकार से भाई राजोआणा को रिहा करने की मांग करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने श्री गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती के अवसर पर इस संबंध में प्रतिबद्धता जताई थी। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में फैसला लेने के लिए कहा था। उन्होने कहा कि पूरे सिख समुदाय का मानना है कि भाई जी को रिहा किया जाना चाहिए , क्योंकि उन्हे 27 साल से अधिक समय तक जेल में रखा गया है, जो कि दोहरी उम्रकैद की सजा है।
वे रिहा होने के हकदार हैं
यहां तक कि अंतरराष्ट्रीय कानून भी कहते हैं कि किसी को इतने लंबे समय तक जेल में नही रखा जा सकता है। उन्होने यह भी स्पष्ट किया कि भाई राजोआणा ने जब 1984 में कांग्रेस पार्टी के निदेश पर 1984 में बेअदबी के साथ साथ सिखों का कत्लेआम देखा तो वह तीव्र भावनाओं में बह गए थे। वह पंजाब में झूठी मुठभेड़ों की नीति से भी दुखी थे। उन्हें उनके कार्यों के लिए दंडित किया गया है, जिससे उन्होने कभी भी इंकार नही किया , लेकिन अब वे रिहा होने के हकदार हैं।
मजीठिया ने कहा कि इसी तरह अन्य सभी सिख बंदियों को रिहा किया जाना चाहिए, जिन्हे 26 साल से अधिक की अवधि के लिए कैद किया गया है। उन्होने राजीव गांधी के हत्यारों का भी उदाहरण दिया, जिन्हे जेल से रिहा किया गया था, जबकि सात साल से अधिक समय से दविंदरपाल सिंह भुल्लर की रिहाई के आदेशों पर हस्ताक्षर नही करने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की निंदा की।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की निंदा की
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मजीठिया ने कहा कि अरविंद केजरीवाल एस.वाई.एल मुददे के अपने समाधान के लिए आवाज नही उठा रहे हैं क्योंकि उनका मूल समाधान पंजाब का पानी छीनकर हरियाणा और दिल्ली को देना है। ‘‘अकाली दल इस समाधान को कभी स्वीकार नही करेगा और पंजाब के दरिया के पानी को छीनने की साजिश को रोकने के लिए किसी भी बलिदान के लिए तैयार है’’। उन्होने मुख्यमंत्री भगवंत मान की कुर्सी पर टिके रहने के लिए इस साजिश में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान की निंदा की।
एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि शिक्षा पर दिल्ली के फर्जी दावों का एक के बाद बाद एक तीन राष्ट्रीय सर्वेक्षणों से पर्दाफाश हो गया है। उन्होने कहा, ‘‘ केवल एक स्वतंत्र एजेंसी ही किसी राज्य की शिक्षा प्रणाली का न्याय कर सकती है और दिल्ली के मामले में तीन अलग-अलग सर्वेक्षणों ने पंजाब स्कूल प्रणाली और पंजाब के छात्रों को दिल्ली से उपर रखा गया है। यह पंजाब में विफल दिल्ली मॉडल का पीछा छोड़ने का सही समय है’’।
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