डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: नगर निगम मुख्यालय के ठीक सामने प्रगति होटल को बचाने के लिए एक ATP रैंक के अधिकारी और एक आरटीआई एक्टिविस्ट जुट गए हैं। अवैध रूप से बने प्रगति होटल पर कार्रवाई न किए जाने को लेकर नगर निगम के कमिश्नर दविंदर सिंह को गत दिनों सहायक कमिश्नर कम ईओ राजेश खोखर से बिल्डिंग ब्रांच का काम छीन लिया। अब ये काम ज्वाइंट कमिश्नर शिखा भगत को सौंपा गया है।
ज्वाइंट कमिश्नर शिखा भगत ने कहा है कि इस संबंध में एसटीपी औऱ एमटीपी से रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से बना प्रगति होटल ही नहीं, बल्कि शहर की अन्य इमारतों के खिलाफ नगर निगम एक अभियान छेड़ने जा रहा है। जिससे आने वाले दिनों में बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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आपको बता दें कि नगर निगम मुख्यालय के गेट के ठीक सामने थोड़ी दूर पर प्रगति होटल इस पूरे करप्ट सिस्टम का नायाब नमूना है। चार फुट गली में अंदर चार मंजिला होटल बनना अपने आप में ही एक अनोखी बात है। प्रगति होटल का न तो कोई नक्शा है, न ही किसी तरह की सेफ्टी सर्टिफिकेट, न ही फायर की एनओसी, बावजूद यहां निगम के अधिकारियों की मेहरबानी से चार मंजिला होटल चल रहा है। प्रगति होटल में कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
सूत्र बता रहे हैं कि नाजायज रूप से बने इस होटल को बचाने के लिए एक आरटीआई एक्टिविस्ट एक सत्ताधारी नेता के साथ मिलकर अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं। जिससे इस अवैध होटल पर कार्रवाई रोकी जा सके। फिलहाल नगर निगम के कमिश्नर दविंदर सिंह ने कहा है कि प्रगति होटल की रिपोर्ट अफसरों से मांगी गई है। जल्द ही बड़ी कार्ऱवाई होगी।
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