Nirjala Ekadashi 2023: कब है निर्जला एकादशी? जानें तिथि, मुहूर्त और महत्व

Daily Samvad
4 Min Read
Punjab Government
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now
⏱️ 4 मिनट पढ़ने का समय|📝 502 शब्द|📅 30 May 2023

डेली संवाद, चंडीगढ़। Nirjala Ekadashi 2023: पंचांग के अनुसार हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष को निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाता है। इसे भीमसेनी एकादशी या भीम एकादशी भी कहा जाता है। इस साल निर्जला एकादशी का व्रत बुधवार 31 मई 2023 को रखा जाएगा। हर महीने दो एकादशी ( शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में) तिथि पड़ती है। लेकिन सभी एकादशी में माघ शुक्ल की निर्जला एकादशी के व्रत को कठिन माना जाता है।

Nirjala Ekadashi 2023: कब है निर्जला एकादशी? जानें तिथि, मुहूर्त और महत्व

 

ये भी पढ़ें: BJP नेता के मॉल में खुले स्पा सैंटर में चल रहा था देहव्यापार का धंधा

क्योंकि इस व्रत में पूरे दिन अन्न और जल का त्याग करना होता है। इस व्रत की महिमा भी अपार होती है। निर्जला एकादशी व्रत को करने से साल में पड़ने वाली सभी 24 एकादशी व्रतों के समान फल मिलता है और भगवान विष्णु की कृपा से सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती है। निर्जला एकादशी का व्रत कठोर होता है. खासकर माघ के महीने में जब प्रचंड गर्मी पड़ती है तब निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाता है, जोकि जीवन में जल के महत्व को बताता है।

ये भी पढ़ें: नगर निगम चुनाव न लड़ने की धमकी, BJP नेता के घर फायरिंग

लेकिन अगर आपने निर्जला एकादशी का व्रत रखा है और आपको बहुत अधिक प्यास लग रही है या ऐसी स्थिति आ पड़े कि जल के बिना प्राण संकट में आ जाए तो इसके लिए शास्त्रों में कुछ उपाय भी बताए गए हैं, जिससे कि आपकी प्यास भी बुझ जाएगी और कोई दोष नहीं लगेगा। साथ ही इस विधि से जल ग्रहण करने पर आपका व्रत भी निष्फल नहीं होगा।

इस विधि से निर्जला एकादशी में पी सकते पानी

  • निर्जला एकादशी में व्रत के दौरान अगर आपको अधिक प्यास लग रही है तो आप ‘ऊँ नमो नारायणाय’ मंत्र का 12 बार जाप करें। इसके बाद चांदी, पीतल या मिट्टी धातु के पात्र में पानी में गंगाजल मिलाकर भर दें. इसके बाद आप घुटने और हाथों को जमीन पर रखकर पशुवत जल पी सकते हैं। इससे व्रत निष्फल नहीं होता है।
  • इस तरह से जल पीने के बाद आप पुन: व्रत का पालन करें और अगले दिन यानी द्वादशी तिथि को विधिपूर्वक एकादशी व्रत का पारण करें।
  • निर्जला एकादशी में व्रत के दौरान अगर आपका गला सूख रहा है तो आप आमचन कर सकते हैं।
  • इसके अलावा आप कुल्ला करके पानी को बाहर निकाल सकते हैं। इससे पानी गले से नीचे नहीं जाएगा और आपका व्रत भी नहीं टूटेगा।

PM मोदी ने नए संसद भवन का किया उद्घाटन

https://youtu.be/i5hhhQj5K8E

















Share This Article
Follow:
Daily Samvad एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जहां हम देश-दुनिया, राजनीतिक विश्लेषण, प्रदेश, शिक्षा, बिज़नेस, मनोरंजन, खेल, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र की ख़बरें सरल भाषा में आप तक पहुंचाते हैं। हमारा उद्देश्य है—जनता की आवाज़ बनकर निष्पक्ष पत्रकारिता को आगे बढ़ाना। डेली संवाद ऑनलाइन के महाबीर जायसवाल फाउंडर चीफ एडिटर हैं। वे राजनीति, अपराध, देश-दुनिया की खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीति की खबरों से की, जबकि उनके पास, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग से लेकर एडिटर तक 25 साल से अधिक पत्रकारिता का अनुभव है। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र शेखावत के Media Consultant भी रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद की यूनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन, बीए और एमए की डिग्री हासिल की है। संपर्क नंबर: +91-98881-90945 ईमेल: mmmmediahouse@gmail.com
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *