डेली संवाद, चंडीगढ़/बंगा। Punjab News: MLA Sukhwinder Sukhi Resignation News Update- पंजाब की राजनीति में रविवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब बंगा से विधायक और आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार में कैबिनेट रैंक मंत्री डॉ. सुखविंदर कुमार सुक्खी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह इस्तीफा बंगा स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा राजा साहिब के रसोखाना पहुंचकर सार्वजनिक रूप से घोषित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजा साहिब अस्थान के प्रति उनकी गहरी आस्था है और वे अपने धार्मिक विश्वासों से कोई समझौता नहीं कर सकते।
पंजाब (Punjab) के बंगा (Banga) से विधायक डॉ. सुक्खी (MLA Sukhwinder Sukhi) ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Singh Mann) द्वारा हाल ही में श्री मुक्तसर साहिब में माघी मेले के दौरान दिए गए एक बयान से वे आहत हैं। यह बयान बंगा हलके के एक डेरे से चोरी हुए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 169 स्वरूपों से जुड़ा हुआ था। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सियासी और धार्मिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

संगत के सामने इस्तीफे का ऐलान
रविवार सुबह डॉ. सुक्खी गुरुद्वारा राजा साहिब के रसोखाना पहुंचे, जहां उन्होंने संगत के सामने अपने इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय के लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सर्वोच्च सम्मान का प्रतीक हैं और उनसे जुड़ा कोई भी मुद्दा बेहद संवेदनशील है। मुख्यमंत्री के बयान से न केवल उनकी व्यक्तिगत भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि संगत की भावनाओं को भी ठेस पहुंची है।
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डॉ. सुक्खी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे किसी भी ऐसे पद पर बने नहीं रह सकते, जहां उन्हें अपने धार्मिक मूल्यों और आस्था के विरुद्ध खड़ा होना पड़े। उन्होंने कहा, “मेरी राजा साहिब अस्थान के प्रति अटूट श्रद्धा है। गुरु घर और संगत की मर्यादा मेरे लिए किसी भी राजनीतिक पद से ऊपर है।”
सोशल मीडिया पर हुए लाइव
उन्होंने अपने इस्तीफे की पुष्टि सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव होकर भी की। लाइव वीडियो में उन्होंने कहा कि यह फैसला उन्होंने किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर लिया है। उन्होंने कहा कि वे पार्टी और सरकार का हिस्सा जरूर हैं, लेकिन सबसे पहले एक सिख हैं और गुरु की मर्यादा से समझौता नहीं कर सकते।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने माघी मेले के दौरान श्री मुक्तसर साहिब में दिए गए बयान में 169 स्वरूपों की चोरी के मामले का जिक्र किया था, जिसे लेकर धार्मिक संगठनों और विपक्षी दलों ने कड़ा ऐतराज जताया। इस बयान के बाद से ही मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और पंजाब की राजनीति में इसे लेकर उबाल देखा जा रहा है।

बंगा क्षेत्र में हलचल तेज
डॉ. सुक्खी के इस्तीफे को इस पूरे विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम न केवल आम आदमी पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है, बल्कि सरकार पर धार्मिक भावनाओं को लेकर और दबाव भी बढ़ा सकता है।
फिलहाल डॉ. सुक्खी के इस्तीफे के बाद बंगा क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। संगत और स्थानीय लोगों में इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मामला और राजनीतिक रंग पकड़ सकता है।







