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Wednesday, 21 May 2025

Aaj ka Panchang: आज ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि, भगवान गणेश जी की करें पूजा; पढ़ें पंचांग

डेली संवाद, जालंधर। Aaj ka Panchang 21 May 2025: आज 21 मई 2025 की तारीख है, दिन है बुधवार (Wednesday) । आज यानी 21 मई बुधवार के दिन ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। आज का दिन बुद्धि, ऋद्धि और सिद्धि के देवता भगवान गणेश (Lord Ganesh) को समर्पित होता है। यदि बच्चों का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा है, तो उनके पढ़ने की जगह पर गणेशजी की मूर्ति या फोटो लगाएं। यह भी पढ़ें: कनाडा सरकार ने एक्सप्रेस एंट्री में किया गया बदलाव, पंजाबियों पर पड़ेगा असर गरीब बच्चों को किताबें दान करने से बच्चों की बुद्धि बढ़ती है। एकाग्रता बढ़ती है ऐसी मान्यता है। यदि आपका व्यापार ठीक नहीं चल रहा है, तो इसमें वृद्धि करने के लिए भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाएं और दूर्वा चढ़ाएं। इसके अलावा यदि आप कर्ज से परेशान हैं और चाहकर भी उसे चुका नहीं पा रहे हैं, तो भी विघ्नहर्ता की शरण में जाने से लाभ मिलेगा। आप बुधवार के दिन से ऋणहर्ता गणेश स्रोत का पाठ करना शुरू करें और नियमित इसे करते रहें। ऐसे में ऐसे में आईए पंडित प्रमोद शास्त्री से जानते हैं आज का (Aaj ka Panchang 21 May 2025) पंचांग। [caption id="attachment_13999" align="aligncenter" width="800"] Lord Ganesh Lord Ganesh[/caption]

आज का पंचांग (Panchang 21 may 2025)

ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की तिथि- नवमी प्रात: 03:21 बजे तक, 22 मई संवत् - 2082 नक्षत्र - शतभिषा योग - वैधृति प्रात: 12:35 बजे तक, 22 मई करण- तैतिल शाम 04:13 बजे तक, गरज प्रात: 03:21 तक, 22 मई वार - बुधवार ऋतु - ग्रीष्म

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

सूर्योदय- सुबह 5 बजकर 27 मिनट पर सूर्यास्त- शाम 7 बजकर 09 मिनट पर चंद्रोदय- 01 बजकर 51 मिनट, 22 मई चंद्रास्त- 12 बजकर 56 मिनट

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त - कोई नहीं

अशुभ समय

राहुकाल - दोपहर 12:18 बजे से दोपहर 02:01 बजे तक गुलिक काल - प्रात: 10:35 बजे से दोपहर 12:18 तक यमगंडा - प्रात: 07:10 बजे से प्रात: 08:53 बजे तक [caption id="attachment_45194" align="aligncenter" width="800"] Lord Ganesh Lord Ganesh[/caption]

आज के नक्षत्र के बारे में जानिए

आज चंद्रदेव शतभिषा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। शतभिषा नक्षत्र शाम 06:58 बजे तक रहेगा। सामान्य विशेषताएं: इस नक्षत्र में जन्मे जातक स्वतंत्र, धैर्यवान, आरामपसंद और आलसी, नेतृत्व, स्वतंत्रता, महत्वाकांक्षी, नवोन्मेषी, लालची, जिज्ञासु, गुप्त और अंतर्मुखी होते हैं। नक्षत्र स्वामी: राहु राशि स्वामी: शनि देवता: वरुण (जल देवता) प्रतीक: खाली घेरा