Monday, 19 October 2026
पंजाब
Swapan Sharma ED News: लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ED के समक्ष हुए पेश, चार घंटे तक चली पूछताछ
डेली संवाद, चंडीगढ़/लुधियाना। Swapan Sharma ED News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित वायरल वीडियो और उसकी फॉरेंसिक रिपोर्ट को लेकर विवाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) तक पहुंच गया है। लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा सोमवार, 19 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे पूछताछ की गई।
यह जांच गुरुग्राम में दर्ज उस एफआईआर से जुड़ी है, जिसमें मुख्यमंत्री के कथित वीडियो को फर्जी और AI जनरेटेड साबित करने वाली फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराने के लिए कथित तौर पर 10 लाख रुपये के लेनदेन के आरोप लगाए गए हैं।
ईडी इस मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कथित वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। इससे पहले गुरुग्राम पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि, जांच में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष आना अभी बाकी है।
कथित वीडियो को लेकर शिकायत
जनवरी 2026 में मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े एक कथित वीडियो को लेकर अकाल तख्त साहिब में शिकायत दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वीडियो में गुरुद्वारे की गोलक और सिख गुरुओं की तस्वीरों को लेकर आपत्तिजनक गतिविधियां दिखाई गईं।
16 जनवरी को मुख्यमंत्री भगवंत मान अकाल तख्त साहिब के सामने पेश हुए थे। उन्होंने वीडियो को फर्जी, एडिटेड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किया गया बताया था। इस विवाद के बाद वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए।
वीडियो की जांच रिपोर्ट को लेकर विवाद
जून 2026 में वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर विवाद और बढ़ गया। अकाल तख्त साहिब की ओर से स्वतंत्र प्रयोगशालाओं की जांच का हवाला देते हुए वीडियो में छेड़छाड़ नहीं होने की बात कही गई। इसके विपरीत, पंजाब सरकार ने 18 जून को गुरुग्राम की दो प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट सार्वजनिक कर वीडियो को कथित तौर पर फर्जी और AI जनरेटेड बताया।
इसके बाद रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया और संबंधित प्रयोगशालाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठे। गुरुग्राम पुलिस ने जांच शुरू की और आरोप लगाया कि वीडियो को फर्जी साबित करने के उद्देश्य से अनुकूल फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराने की कोशिश की गई थी।
₹10 लाख के कथित लेनदेन की जांच
गुरुग्राम पुलिस में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, एक फॉरेंसिक विशेषज्ञ ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री के वीडियो को AI जनरेटेड या एडिटेड साबित करने वाली रिपोर्ट तैयार कराने के लिए दबाव बनाया। शिकायत में कथित तौर पर 10 लाख रुपये के लेनदेन का भी जिक्र किया गया।
इस मामले में अरुण महेंद्रू और अंकित नाम के दो लोगों को शुरुआती कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने रिपोर्ट तैयार करने में इस्तेमाल की गई प्रयोगशालाओं की वैधता और आरोपियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। इन आरोपों की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
ED कर रही है पैसों के लेनदेन की जांच
गुरुग्राम पुलिस की एफआईआर को आधार बनाकर ईडी ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच शुरू की। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित 10 लाख रुपये कहां से आए, उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया और इस लेनदेन में किन लोगों की भूमिका थी।
इसी सिलसिले में लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा को समन भेजा गया था। सोमवार को उनके ईडी कार्यालय पहुंचने के बाद उनसे पूछताछ की गई। जांच का उद्देश्य कथित वित्तीय लेनदेन और फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराने से जुड़े घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ना है।
जांच के नतीजों पर टिकी नजरें
मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े वीडियो का विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसी की जांच का विषय बन गया है। एक ओर वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर अलग-अलग दावे किए गए, वहीं दूसरी ओर कथित फॉरेंसिक रिपोर्ट और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच चल रही है।
अब इस मामले में ईडी की पूछताछ और गुरुग्राम पुलिस की जांच से सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी। जांच पूरी होने और संबंधित साक्ष्यों की कानूनी पड़ताल के बाद ही कथित रिपोर्ट, पैसों के लेनदेन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।