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Friday, 09 October 2026

Cyber Fraud: ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधड़ी, पहले खाते में भेजे ₹1.14 लाख, फिर 16.20 लाख की ठगी; जाने पूरा मामला

Cyber Fraud: ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधड़ी, पहले खाते में भेजे ₹1.14 लाख, फिर 16.20 लाख की ठगी; जाने पूरा मामला

डेली संवाद, पंचकूला। Cyber Fraud: हरियाणा के पंचकूला में ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग और भारी मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। निजी कंपनी से रिटायर्ड अकाउंट्स प्रोफेशनल परवीन कुमार अरोड़ा से कथित तौर पर 16.20 लाख रुपये ठग लिए गए। आरोपियों ने उन्हें 1200 प्रतिशत तक रिटर्न और ब्लॉक ट्रेड स्टॉक ट्रेडिंग का लालच दिया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने खुद को Axis Securities से जुड़ा बताकर पीड़ित का विश्वास जीता। उन्हें व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़कर शेयर बाजार में निवेश की सलाह दी गई। ग्रुप में मौजूद कथित सदस्यों ने फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा किए, जिससे पीड़ित को निवेश से भारी कमाई होने का भरोसा हुआ।

फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुआ साइबर ठगी का खेल

परवीन कुमार अरोड़ा ने पुलिस को बताया कि अप्रैल 2026 में उन्होंने फेसबुक पर शेयर ट्रेडिंग से संबंधित एक विज्ञापन देखा था। इसके बाद संपर्क करने पर 21 अप्रैल को उन्हें 'H07-AXIS Elite Insights' नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया।

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शिकायत के अनुसार, ग्रुप में एक व्यक्ति खुद को Axis Securities का MD/CEO प्रणव हरिदासन बताकर शेयर खरीदने और बेचने की सलाह देता था। ग्रुप के अन्य सदस्य भी उसकी सलाह की तारीफ करते और कथित मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा करते थे। आरोप है कि इन गतिविधियों के जरिए पीड़ित को भरोसा दिलाया गया कि निवेश करने पर उन्हें बड़ा मुनाफा हो सकता है।

आधार कार्ड लेकर भेजा फर्जी एक्सेप्टेंस लेटर

शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने पीड़ित से आधार कार्ड सहित निजी जानकारी हासिल की। इसके बाद अनन्या मेहरा नाम के व्हाट्सऐप अकाउंट से कथित तौर पर फर्जी एक्सेप्टेंस लेटर भेजा गया। बाद में उन्हें 'H03-AXIS Customer Support Desk' नाम के एक अन्य व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया।

आरोप है कि इस ग्रुप के जरिए उन्हें प्ले स्टोर के बाहर से एक संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने और वेबसाइट पर अकाउंट बनाने के लिए कहा गया। इसके माध्यम से पीड़ित के नाम पर कथित तौर पर फर्जी DMA अकाउंट तैयार किया गया, जिस पर उनके निवेश और मुनाफे का विवरण दिखाया जाता था।

पांच खातों में जमा करवाए 16.20 लाख रुपये

पुलिस शिकायत के अनुसार, 14 मई से 19 जून 2026 के बीच पीड़ित से अलग-अलग किश्तों में कुल 16,20,000 रुपये जमा करवाए गए। बताया गया है कि रकम राहुल एंटरप्राइजेज, जुनैद एंटरप्राइजेज, ग्लोब एंटरप्राइजेज, सन शाइन चैरिटेबल ट्रस्ट और वीआरपी एंटरप्राइजेज नाम के खातों में भेजी गई।

आरोपियों ने कथित तौर पर निवेश को वैध दिखाने के लिए फर्जी SEBI प्रमाणपत्र भी दिखाए। पीड़ित को विश्वास दिलाने के लिए शुरुआती दिनों में उनके बैंक खाते में 1,14,500 रुपये वापस भेजे गए। इसके बाद संदिग्ध वेबसाइट पर उनकी कुल पूंजी 30 लाख रुपये दिखाई जाने लगी।

फर्जी IPO में 61,200 शेयर देने का दावा

शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने परवीन कुमार अरोड़ा को 'क्ले क्राफ्ट' नाम के कथित IPO में आवेदन करने के लिए कहा। बाद में दावा किया गया कि उन्हें 61,200 शेयर आवंटित किए गए हैं और इसके लिए 76.20 लाख रुपये जमा करने होंगे।

जब पीड़ित ने इतनी बड़ी रकम देने से इनकार कर दिया, तो आरोपियों ने कथित तौर पर उनकी जमा पूंजी जब्त करने और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी। इसके बाद उन्हें व्हाट्सऐप ग्रुप से हटा दिया गया और उनके नंबर ब्लॉक कर दिए गए।

BSE-NSE के रिकॉर्ड जांचने पर हुआ खुलासा

पीड़ित को संदेह होने पर उन्होंने BSE और NSE के आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच की। शिकायत के मुताबिक, उन्हें पता चला कि उनके नाम पर कोई वास्तविक शेयर या IPO खरीदा ही नहीं गया था।

इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। अब पुलिस कथित बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन, व्हाट्सऐप ग्रुपों और संदिग्ध ऐप व वेबसाइट से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

ऑनलाइन निवेश करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

साइबर ठगी से बचने के लिए निवेशकों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए:

  • 1200 प्रतिशत जैसे असाधारण रिटर्न के वादों पर बिना जांच भरोसा न करें।

  • निवेश सलाह देने वाली कंपनी और व्यक्ति की पहचान आधिकारिक स्रोतों से सत्यापित करें।

  • अनजान लिंक या प्ले स्टोर के बाहर से मिले ऐप डाउनलोड न करें।

  • किसी भी निवेश से पहले ब्रोकर और संबंधित संस्था की SEBI से जुड़ी जानकारी जांचें।

  • संदिग्ध लेनदेन होने पर तुरंत बैंक और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।