Monday, 12 October 2026
पंजाब
Punjab News: भगवंत मान के वायरल वीडियो की फोरेंसिक रिपोर्ट पर विवाद, ED ने स्वप्न शर्मा को भेजा समन
डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित फर्जी फोरेंसिक और साइबर विश्लेषण रिपोर्ट मामले में लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा को समन जारी किया है। उन्हें 19 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ स्थित ED कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। यह मामला पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित वायरल वीडियो की जांच रिपोर्ट तैयार करने में हुई गड़बड़ी के आरोपों से संबंधित है।
मामले में आरोप है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित वायरल वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किया गया बताने वाली फोरेंसिक और साइबर विश्लेषण रिपोर्ट तैयार कराने में अनियमितताएं हुईं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। संबंधित पक्षों का जवाब भी सामने आना बाकी है।
क्या है स्वप्न शर्मा पर आरोप?
जानकारी के मुताबिक, आरोप लगाया गया है कि स्वप्न शर्मा ने गुरुग्राम में कुछ विशेषज्ञों से मुलाकात की थी। इस मुलाकात का उद्देश्य कथित तौर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान के वायरल वीडियो को AI जनरेटेड बताने वाली फोरेंसिक और साइबर विश्लेषण रिपोर्ट तैयार करवाना था।
इसी मामले में ED की ओर से स्वप्न शर्मा को समन जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। उन्हें 19 अक्टूबर को जांच एजेंसी के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। जांच एजेंसी की ओर से समन के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी और स्वप्न शर्मा का पक्ष सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट मामले में दो आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में गुरुग्राम पुलिस पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरुण मेहरचंदू (25) और अंकित (25) के रूप में बताई गई है।
आरोप है कि दोनों ने कथित तौर पर फर्जी फोरेंसिक और साइबर विश्लेषण रिपोर्ट तैयार करने की साजिश में भूमिका निभाई। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
जून में वायरल हुआ था भगवंत मान से जुड़ा कथित वीडियो
यह पूरा विवाद जून 2026 में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित वीडियो के बाद शुरू हुआ था। वीडियो को लेकर दावा किया गया था कि इसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान सिख गुरुओं की तस्वीरों पर शराब छिड़कते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पंजाब में राजनीतिक और धार्मिक स्तर पर विवाद बढ़ गया था।
मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (AAP) की ओर से वीडियो को फर्जी, एडिटेड या AI जनरेटेड बताया गया। उनका पक्ष रहा कि वीडियो के जरिए मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की कोशिश की गई।
विवाद के बाद भगवंत मान श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष भी पेश हुए थे। इस मामले ने पंजाब की राजनीति के साथ-साथ धार्मिक और सामाजिक स्तर पर भी व्यापक चर्चा को जन्म दिया।
वीडियो को लेकर विपक्ष ने भी उठाए सवाल
मामले के दौरान एक अन्य वीडियो सामने आने की भी बात कही गई, जिसमें कथित तौर पर स्वप्न शर्मा गुरुग्राम में दो लोगों के साथ बैठे दिखाई दिए। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और कथित समझौते के आरोप लगाए।
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई थी या नहीं।
ED के समन से मामले में बढ़ी हलचल
लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा को ED का समन जारी होने के बाद इस मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। अब 19 अक्टूबर 2026 को होने वाली पेशी पर नजर रहेगी। जांच एजेंसी की पूछताछ और आगे की कार्रवाई से कथित फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट मामले में नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
नोट: मामले में लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं। किसी भी व्यक्ति की भूमिका या दोष का अंतिम निर्धारण संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही किया जाएगा।