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Friday, 16 October 2026

UP News: अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत का फैसला: गला दबाकर हत्या, शव के नीचे छोड़ा था सांप; दोनों दोषियों को मृत्युदंड

UP News: अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत का फैसला: गला दबाकर हत्या, शव के नीचे छोड़ा था सांप; दोनों दोषियों को मृत्युदंड

डेली संवाद, मेरठ। UP News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक सनसनीखेज हत्याकांड में अदालत ने मृतक अमित कश्यप की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। शुरुआत में अमित की मौत सांप के डसने से हुई मानी जा रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले का रुख बदल दिया। जांच में गला दबाकर हत्या किए जाने की बात सामने आई थी।

अपर जिला जज कोर्ट संख्या-12 ने दोनों आरोपियों को हत्या का दोषी करार देने के बाद यह फैसला सुनाया। करीब डेढ़ साल तक चली सुनवाई में 86 तारीखें लगीं और 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी दारोगा इंदू वर्मा का पोस्टमार्टम कराने का फैसला अहम साबित हुआ।

प्रेम संबंधों के चलते अमित की हत्या की साजिश रचने का आरोप

जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरनगर जिले के तितावी क्षेत्र के सैदपुर निवासी रविता की शादी करीब नौ साल पहले बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात निवासी अमित कश्यप से हुई थी। अमित टाइल और पत्थर लगाने का काम करता था। दंपती के तीन बच्चे हैं। अमरदीप अमित के साथ काम करता था और पड़ोस में रहता था। वह रविता को चाची कहकर बुलाता था।

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अभियोजन पक्ष के अनुसार, इसी परिचय के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और करीब ढाई साल पहले उनके प्रेम संबंध हो गए। अभियोजन के मुताबिक, 12 अप्रैल 2025 को अमित अपनी पत्नी और बच्चों के साथ शाकंभरी देवी के दर्शन करने गया था। लौटते समय बहसूमा बस स्टैंड पर रविता ने अमित की नजर बचाकर अमरदीप से बात की। इसके बाद दोनों पर अमित की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा।

गला दबाकर हत्या के बाद सांप से डसवाने की साजिश

मामले में सामने आए अभियोजन के विवरण के अनुसार, आरोपियों ने हत्या को सांप के डसने से हुई मौत दिखाने की योजना बनाई थी। इसके लिए कथित तौर पर सांप की व्यवस्था की गई और उसे खेत में छिपा दिया गया। 12 अप्रैल की रात करीब 10 बजे खाना खाने के बाद अमित चारपाई पर सो गया।

अभियोजन के अनुसार, इसके बाद अमरदीप सांप लेकर वहां पहुंचा। रविता ने अमित के हाथ पकड़ लिए और अमरदीप ने उसका गला दबा दिया। आरोप है कि अमित की हत्या के बाद शव के नीचे घोड़ापछाड़ सांप छोड़ दिया गया। सांप की पूंछ अमित की कमर के नीचे दबने के कारण उसने पांच बार काटा। इससे शरीर पर सांप के काटने के निशान बने और मौत को सर्पदंश का मामला दिखाने की कोशिश की गई।

बेटे ने चारपाई पर देखा सांप, परिवार ने समझा सर्पदंश से मौत

13 अप्रैल 2025 की सुबह रविता ने नाश्ता तैयार किया और अपने बेटे को अमित के पास भेजा। चारपाई पर सांप दिखाई देने के बाद बच्चे ने शोर मचा दिया। परिवार ने शुरुआत में अमित की मौत सांप के डसने से होना मान लिया।

इसके बाद शव को बुलंदशहर के गुलावटी ले जाकर झाड़-फूंक भी कराई गई। परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था, लेकिन इसी बीच पुलिस मौके पर पहुंच गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला हत्या का राज

इस हत्याकांड में सबसे अहम मोड़ तब आया, जब तत्कालीन थाना प्रभारी दारोगा इंदू वर्मा ने पोस्टमार्टम कराने का फैसला लिया। बताया गया कि परिवार और रविता पोस्टमार्टम कराने का विरोध कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।

तीन दिन बाद आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या के रूप में जांचना शुरू किया और रविता तथा अमरदीप को गिरफ्तार कर लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले में अहम साक्ष्य बनी और कथित तौर पर सर्पदंश से हुई मौत के पीछे छिपे हत्याकांड का खुलासा हुआ।

86 तारीखों और 12 गवाहों के बाद अदालत ने सुनाई सजा

अपर जिला जज कोर्ट संख्या-12 में मामले की सुनवाई करीब डेढ़ साल तक चली। इस दौरान कुल 86 तारीखें लगीं और 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। दी गई जानकारी के अनुसार, 7 अक्टूबर को अदालत ने रविता और अमरदीप को हत्या का दोषी करार दिया था।

इसके बाद अदालत ने दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले के साथ अमित कश्यप हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयान दोषसिद्धि की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण रहे।

पोस्टमार्टम से बच सकती थी सच्चाई दबने से

अमित कश्यप की मौत को शुरुआत में सांप के डसने का मामला माना गया था। लेकिन पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम कराने के फैसले ने जांच को नई दिशा दी। रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची और मामला अदालत तक पहुंचा।