Thursday, 15 October 2026
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Punjab Election 2027: पंजाब समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा जल्द, कभी भी आ सकती है इलेक्शन डेट!
डेली संवाद, चंडीगढ़/नई दिल्ली । Punjab Election 2027: पंजाब समेत पांच राज्यों में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर विपक्षी दलों की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच आयोग चुनावी तैयारियों की समीक्षा में जुटा है।
इसके तहत राज्यों में अधिकारियों की टीमें भेजी जा रही हैं और चुनाव में इस्तेमाल होने वाली EVM मशीनों की पहले चरण की जांच (FLC) भी शुरू कर दी गई है। जिससे पंजाब समेत पांच राज्यों में चुनाव की घोषणा जल्द हो सकती है।
चुनाव की तैयारियां तेज
मिली जानकारी के अनुसार, चुनाव आयोग दिसंबर के मध्य तक पांचों राज्यों का दौरा पूरा करने की योजना पर काम कर रहा है। ऐसे में 15 दिसंबर 2026 के बाद विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, चुनाव की आधिकारिक तारीखों को लेकर अंतिम फैसला चुनाव आयोग ही करेगा।
2027 की शुरुआत में पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव आयोग ने इन राज्यों में चुनावी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए अधिकारियों की टीमों को भेजना शुरू कर दिया है।
उत्तराखंड में टीम रवाना
उत्तराखंड में अधिकारियों की पहली टीम भेजी गई है। उत्तर प्रदेश को छोड़कर बाकी चार राज्यों में चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए अधिकारियों के दौरे अक्टूबर में पूरे करने की योजना है। वहीं, उत्तर प्रदेश में अधिकारियों की टीमें नवंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में दौरा कर सकती हैं।
अधिकारियों के स्तर पर समीक्षा पूरी होने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों समेत आयोग की टीम राज्यों का दौरा करेगी।
चुनाव की तारीखों का ऐलान
चुनाव आयोग की योजना के अनुसार, पांचों राज्यों में तैयारियों की समीक्षा और आयोग का दौरा 15 दिसंबर 2026 तक पूरा हो सकता है। इसके बाद विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान किसी भी समय किए जाने की संभावना है।
हालांकि, यह संभावित समयसीमा है। चुनाव की घोषणा कब होगी, यह चुनाव आयोग के आधिकारिक कार्यक्रम पर निर्भर करेगा।
गौरतलब है कि 2022 में इन पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की घोषणा 8 जनवरी को की गई थी। ऐसे में 2027 के चुनावों को लेकर भी राजनीतिक दलों और प्रशासन की गतिविधियां आने वाले महीनों में तेज होने की उम्मीद है।
EVM मशीनों की जांच शुरू
विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत चुनाव आयोग ने EVM मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) शुरू कर दी है। इस प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जाता है कि चुनाव में इस्तेमाल की जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें तकनीकी रूप से सही हैं या नहीं।
EVM की जांच जिला निर्वाचन अधिकारी की निगरानी में की जाती है। इसमें भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) के अधिकृत इंजीनियर हिस्सा लेते हैं। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी इस प्रक्रिया में मौजूद रहने की जानकारी दी जाती है।
EVM और VVPAT की जांच
जांच के दौरान EVM की कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट और VVPAT सहित सभी प्रमुख हिस्सों की तकनीकी जांच की जाती है। यह भी देखा जाता है कि मशीनों के उपकरण असली हैं और ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं।
इस प्रक्रिया में मशीनों की सफाई, पुरानी बैटरी को बदलने और जरूरी तकनीकी जांच जैसे काम भी किए जाते हैं। इसके बाद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मशीनों पर मॉक पोल कराया जाता है, ताकि उनकी कार्यक्षमता की पुष्टि की जा सके।
जो मशीनें जांच में सही पाई जाती हैं, उन पर हरी पर्ची लगाई जाती है और उन्हें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में स्ट्रांग रूम में रखा जाता है।
CCTV निगरानी में होगी जांच
EVM की जांच की प्रक्रिया में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाते हैं। वेयरहाउस खोलने से लेकर मशीनों की जांच और उन्हें सुरक्षित रखने तक निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में वेयरहाउस खोला जाता है। अधिकृत इंजीनियरों के पहचान पत्रों की जांच के बाद ही उन्हें अंदर प्रवेश दिया जाता है। पूरी प्रक्रिया की CCTV कैमरों से रिकॉर्डिंग भी की जाती है।
चुनाव आयोग की इन तैयारियों का उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों के लिए मशीनों और चुनावी व्यवस्थाओं को समय रहते तैयार करना है। अब सभी की नजरें आयोग के अगले कदम और चुनाव की आधिकारिक घोषणा पर रहेंगी।