Wednesday, 18 February 2026
राजनीति
Punjab News: पंजाब के Ex CM चरणजीत सिंह चन्नी छोड़ रहे हैं राजनीति? कांग्रेस की भरी मीटिंग में कर दिया ये ऐलान, देखें VIDEO
डेली संवाद, चंडीगढ़।
Punjab News: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री व जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) अपनी ही कांग्रेस (Congress) पार्टी के नेताओं से काफी आहत हैं। उन्होंने कांग्रेस की भरी मीटिंग में राजनीति छोड़ने तक की धमकी दे डाली। चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि -मुझ पर तरह तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं, मुझे टारगेट किया जा रहा है, इससे बढ़िया तो मैं घर बैठ जाता हूं। चन्नी के इस ऐलान के बाद कांग्रेसी नेता सकते में आ गए हैं।
पंजाब
(Punjab)
कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) ने पार्टी की एक अहम बैठक में खुलकर नाराजगी जाहिर करते हुए यहां तक कह दिया कि अगर उन पर इसी तरह आरोप लगाए जाते रहे तो वह राजनीति छोड़कर घर बैठना बेहतर समझेंगे। उनके इस बयान से बैठक में मौजूद वरिष्ठ नेताओं में हड़कंप मच गया।
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Charanjit Singh Channi[/caption]
Amrinder Singh Raja Warring[/caption]
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कांग्रेसी नेता सकते में
चरणजीत सिंह चन्नी के इस रवैये से पार्टी के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल समेत सीनियर नेता सकते में आ गए। चन्नी ने पार्टी नेताओं को साफ कर दिया कि वो जो भी कर रहे, पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह बैठक पार्टी की संगठनात्मक मजबूती और आने वाले चुनावों की रणनीति को लेकर बुलाई गई थी। बैठक में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel), प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग (Amrinder Singh Raja Warring), नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा (Pratap Singh Bajwa) समेत सभी विधायक, सांसद और जिले स्तर के नेता मौजूद थे।मीटिंग में क्या बोले चन्नी, देखें VIDEO
सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान कुछ वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी में बढ़ रही गुटबाजी और आपसी मतभेदों को लेकर चन्नी को घेरने की कोशिश की। इस पर चन्नी नाराज हो गए और उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उन पर तरह-तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं और उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह जो भी कदम उठा रहे हैं, वह पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए उठा रहे हैं। ऐसे में यदि उनके प्रयासों को गलत तरीके से पेश किया जाएगा तो उनके लिए राजनीति में बने रहने का कोई मतलब नहीं रह जाता। [caption id="attachment_66301" align="aligncenter" width="800"]
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बघेल ने चन्नी को करवाया शांत
स्थिति को बिगड़ता देख प्रभारी भूपेश बघेल ने हस्तक्षेप किया और चन्नी को शांत करने की कोशिश की। बघेल ने स्पष्ट किया कि पार्टी में किसी को टारगेट नहीं किया जा रहा है और सभी नेता संगठन को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करें। उनके हस्तक्षेप के बाद माहौल कुछ हद तक सामान्य हुआ। हालांकि, मामला यहीं नहीं थमा।यह भी पढ़ें: जालंधर में 130.50 करोड़ का GST घोटाला बेनकाब, शहर का प्रमुख कारोबारी गिरफ्तार
सूत्रों के मुताबिक, जब चर्चा आगे बढ़ी तो प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने एक अहम सुझाव रखा। उन्होंने कहा कि जितने भी मौजूदा सांसद हैं, उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। इससे मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर उठ रहे सवालों पर स्वतः विराम लग जाएगा और पार्टी एकजुट होकर चुनावी रणनीति बना सकेगी। वड़िंग का यह सुझाव सीधे तौर पर उन नेताओं पर असर डालता है जो सांसद भी हैं और भविष्य में मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जाते हैं। [caption id="attachment_91605" align="aligncenter" width="1200"]
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