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Monday, 19 May 2025

Punjab News: जिला परिषद के अधीन ग्रामीण डिस्पेंसरियों में काम कर रहे कर्मचारियों का थामा हाथ

Punjab News: जिला परिषद के अधीन ग्रामीण डिस्पेंसरियों में काम कर रहे कर्मचारियों का थामा हाथ
डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में चल रही पंजाब सरकार (Punjab Govt) ने लगभग 20 साल बाद जिला परिषद के अधीन ग्रामीण डिस्पेंसरियों में काम कर रहे कुल 804 कर्मचारियों का हाथ थामा है। जिला परिषद के अधीन ग्रामीण डिस्पेंसरियों में काम कर रहे 441 रूरल हेल्थ फार्मेसी अधिकारी/पैरामेडिकल स्टाफ और 363 अटेंडेंट-कम-दर्जा चार कर्मचारियों के वेतनों में जहां बढ़ोतरी की गई है, वहीं ये अधिकारी/कर्मचारी 58 साल तक नौकरी करते रहेंगे। यह भी पढ़ें: कनाडा सरकार ने एक्सप्रेस एंट्री में किया गया बदलाव, पंजाबियों पर पड़ेगा असर ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंध ( Tarunpreet Singh Saundh ) ने बताया कि परसोनल विभाग द्वारा 16 मई, 2023 को जारी पॉलिसी अनुसार जिला परिषद के अधीन ग्रामीण डिस्पेंसरियों में काम कर रहे 441 रूरल हेल्थ फार्मेसी अधिकारी/पैरामेडिकल स्टाफ और 363 अटेंडेंट-कम-दर्जा चार कर्मचारियों को 1 अप्रैल, 2025 से कवर किया गया है। [caption id="attachment_18953" align="aligncenter" width="800"] Tarunpreet Singh Saund Tarunpreet Singh Saund[/caption]

11,000 रुपये प्रति माह वेतन मिलता

उन्होंने बताया कि फार्मेसी अधिकारियों को पहले 11,000 रुपये प्रति माह वेतन मिलता था। अब इस वेतन को बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। फार्मेसी अधिकारियों को 30,000 रुपये तक 5 प्रतिशत और उसके बाद हर साल 3 प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी मिलेगी। इसी तरह, अटेंडेंट-कम-दर्जा चार कर्मचारियों को पहले 6,000 रुपये प्रति माह वेतन दिया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति माह किया गया है। इन कर्मचारियों का वेतन हर साल 25,000 रुपये तक 5 प्रतिशत और उसके बाद हर साल 3 प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी की जाएगी। पॉलिसी के तहत फार्मेसी अधिकारी और अटेंडेंट-कम-दर्जा कर्मचारी 58 साल की उम्र तक नौकरी करते रहेंगे।

पंजाब सरकार का धन्यवाद किया

सरकार के इस फैसले के लिए ग्रामीण डिस्पेंसरियों में काम कर रहे कर्मचारियों ने पंजाब सरकार का धन्यवाद किया है। प्रदेश प्रधान गुरमीत सिंह कुलेवाल ने कहा कि उन्हें 2006 में ठेका पर रखा गया था और पिछले 19-20 वर्षों से कई सरकारें बदलीं, मगर उनकी सुध किसी ने ना ली। अब उनका हाथ आम आदमी पार्टी की सरकार ने थामा है। उल्लेखनीय है कि फार्मेसी अधिकारी और अटेंडेंट-कम-दर्जा चार कर्मचारियों को पॉलिसी में कवर करने से हर माह लगभग 72 लाख रुपये का खजाना पर बोझ पड़ेगा।