Friday, 06 February 2026
उत्तर प्रदेश
UP News: सरकार की बड़ी कार्रवाई, 3 अफसरों को किया सस्पैंड, जाने वजह
डेली संवाद, लखनऊ।
UP News: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में सरकारी, आरक्षित और ग्रामसभा की भूमि से जुड़े मामलों में बड़ी प्रशासनिक गड़बड़ी सामने आई है। जांच में खुलासा हुआ है कि कुछ अधिकारियों ने अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई करने के बजाय कब्जेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने तीन पीसीएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। ये तीनों अधिकारी पूर्व में चंदौली में तहसीलदार के पद पर तैनात रह चुके हैं।
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की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद तीनों अफसरों को सस्पैंड कर दिया गया। निलंबित किए गए अधिकारियों में तत्कालीन तहसीलदार सतीश कुमार (वर्तमान तैनाती: एसडीएम एटा), विराग पांडेय (वर्तमान तैनाती: एसडीएम गाजियाबाद) और लालता प्रसाद (वर्तमान तैनाती: एसडीएम बुलंदशहर) शामिल हैं। इन पर सार्वजनिक, आरक्षित और ग्रामसभा की भूमि को नुकसान पहुंचाने तथा अवैध कब्जेदारों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप हैं।
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CM Yogi Adityanath[/caption]
CM Yogi Adityanath[/caption]
कब्जेधारियों को पहुंचाया लाभ
दरअसल, चंदौली के जिलाधिकारी द्वारा पं. दीन दयाल उपाध्याय नगर तहसील की पत्रावलियों का गहन निरीक्षण किया गया था। इस दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि जिन मामलों में पहले से ही अवैध कब्जा हटाने और वसूली के आदेश पारित हो चुके थे, उनमें बाद में वसूली के नोटिस वापस ले लिए गए। इससे कब्जेदारों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचाया गया और सरकारी कार्रवाई को निष्प्रभावी कर दिया गया।यह भी पढ़ें: जालंधर में सुपर क्रीमिका स्वीट्स और Zomato को लीगल नोटिस जारी
इन मामलों में जिन जमीनों को नुकसान पहुंचाया गया, वे खलिहान, चकमार्ग, कब्रिस्तान, नवीन परती, बंजर भूमि और अन्य लोक उपयोगिता से जुड़ी भूमि थीं। इन जमीनों का उपयोग आमजन के हित में होना था, लेकिन अधिकारियों की कथित लापरवाही और पक्षपातपूर्ण फैसलों के चलते सरकारी संपत्ति को भारी क्षति पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया।